भारत के साथ ट्रेड डील फाइनल करने के करीब अमेरिका, मुंबई में जयशंकर से मिलेंगे रुबियो

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के काफी करीब पहुंच चुके हैं। उनके इस बयान से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। रुबियो जल्द भारत आने वाले हैं और 20 अक्टूबर को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। भारत और अमेरिका के बीच होने वाली इस बैठक में व्यापार के साथ-साथ ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और दोनों देशों के आपसी संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत के साथ ट्रेड डील पर क्या बोले मार्को रुबियो?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार, 19 अक्टूबर को भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है और दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं। रुबियो के इस बयान को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों देश लंबे समय से व्यापार को बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, समझौते को अंतिम रूप देने से पहले कुछ मुद्दों पर सहमति बनना जरूरी है। इनमें डेयरी क्षेत्र से जुड़ा मामला भी शामिल है, जो बातचीत में बड़ी चुनौती बना हुआ है।
डेयरी सेक्टर बना समझौते की बड़ी चुनौती
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने की कोशिशें चल रही हैं। लेकिन डेयरी क्षेत्र में बाजार तक पहुंच का मुद्दा अब भी दोनों देशों के लिए अहम बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि उसकी डेयरी कंपनियों को भारतीय बाजार में ज्यादा अवसर मिलें। वहीं, भारत इस क्षेत्र में अमेरिकी उत्पादों को अधिक पहुंच देने के मामले में अब तक सहमत नहीं हुआ है। डेयरी क्षेत्र भारत के लिए आर्थिक और कृषि से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में इस मुद्दे पर सहमति बनाना व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकता है।
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रूस से तेल और गैस खरीद पर भी बोले रुबियो
मार्को रुबियो ने रूस से तेल और गैस खरीदने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका को कुछ प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है, क्योंकि इनका असर दुनिया में तेल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसे मामलों में अमेरिका को कई पहलुओं के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले लेते समय भी इन परिस्थितियों पर विचार करते हैं। उनके बयान से साफ है कि रूस से ऊर्जा खरीद, वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता और कीमतों का असर अंतरराष्ट्रीय फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
20 अक्टूबर को जयशंकर से मिलेंगे मार्को रुबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो 20 अक्टूबर को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता व्यापार और ऊर्जा के अलावा रक्षा, महत्वपूर्ण तकनीक, नई तकनीकों और आपसी सहयोग से जुड़े अन्य विषयों पर भी बातचीत कर सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में रुबियो का बयान और जयशंकर के साथ होने वाली बैठक को खास माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों देश ट्रेड डील के बचे हुए मुद्दों पर कब तक सहमति बना पाते हैं और व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में क्या प्रगति होती है।




















