भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग लगभग ठप हो गई है। इसके चलते भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि बड़े शहरों में सिलेंडर की वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस बीच कई जगहों से सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।
प्रदेश में गैस बुकिंग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से होता है, लेकिन सर्वर में आई तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ता सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई उपभोक्ता सीधे एजेंसियों पर पहुंचकर बुकिंग और सिलेंडर की जानकारी लेने को मजबूर हैं। गैस वितरकों के अनुसार, सर्वर की समस्या के कारण सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है, जिससे वितरण में देरी हो रही है।
LPG संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टॉरेंट व्यवसाय पर पड़ा है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के अनुसार, शहर के करीब 2 हजार होटल और रेस्टॉरेंट को पिछले चार दिनों से एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला है। उनका कहना है कि, कई होटल ऐसे हैं जहां सिर्फ 24 से 48 घंटे का ही गैस स्टॉक बचा है। अगर जल्द सप्लाई नहीं हुई तो होटल और रेस्टॉरेंट का संचालन प्रभावित हो सकता है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे मध्य प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट ऐसे हैं जो LPG गैस पर निर्भर हैं। अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो हजारों लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा लाखों ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
होटल और रेस्टॉरेंट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि, होटल, रेस्टॉरेंट और कॉलेज कैंटीन को भी इमरजेंसी सेवाओं में शामिल किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि, भोपाल में करीब 2 लाख छात्र ऐसे हैं जो रोजाना होटल या कैंटीन से भोजन लेते हैं। अगर गैस की आपूर्ति बंद रही तो छात्रों के सामने भी भोजन की समस्या खड़ी हो सकती है।
मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि, होटल व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई है। उन्होंने मांग की है कि, होटल और रेस्टॉरेंट को भी आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में शामिल किया जाए, ताकि गैस सप्लाई नियमित हो सके। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर सकारात्मक आश्वासन दिया है और जल्द समाधान निकालने की बात कही है।
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गैस संकट के कारण बाजार में इंडक्शन चूल्हे और डीजल भट्ठियों की मांग अचानक बढ़ गई है। भोपाल में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है। इसके साथ ही डीजल भट्ठियों की कीमत भी लगभग दोगुनी हो गई है। कई होटल और ढाबे अब गैस की जगह इन वैकल्पिक साधनों का उपयोग कर रहे हैं।
गैस की कमी को देखते हुए घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
नए नियम
इन बदलावों का उद्देश्य गैस की अनावश्यक खपत को रोकना और सभी उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाना है।
भोपाल जिला प्रशासन ने गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर के आदेश के अनुसार, अब घरेलू LPG सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कामों के लिए ही किया जा सकेगा। होटल, ढाबे, चाय की दुकान या अन्य व्यवसायिक स्थानों पर घरेलू गैस का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन का मानना है कि, कई जगहों पर कम कीमत के कारण घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल व्यवसायिक कार्यों में किया जा रहा था, जिससे गैस की कमी बढ़ रही थी।
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इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए प्रशासन ने तीन स्तर की निगरानी टीम बनाई है। इस टीम में शामिल होंगे-
ये टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में अचानक निरीक्षण करेंगी और गैस एजेंसियों से लेकर वितरण केंद्रों तक निगरानी रखेंगी। इससे न केवल कालाबाजारी पर रोक लगेगी बल्कि अवैध गैस रिफिलिंग जैसी खतरनाक गतिविधियों को भी रोका जा सकेगा।
गैस की कमी के बीच कई जगहों से सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं। भोपाल में कथित तौर पर 4 सिलेंडर की कीमत 21 हजार रुपए तक वसूली जा रही है। वहीं रीवा में घरेलू सिलेंडर करीब 2000 रुपए तक में बिकने की खबरें सामने आई हैं। छिंदवाड़ा में तो शादी समारोहों में गैस की जगह डीजल भट्ठियों पर खाना बनाने की तैयारी की जा रही है।
गैस संकट को लेकर सतना जिले में 86 लोगों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। लोगों का कहना है कि, बुकिंग करने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है।
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एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अनुसार मध्य प्रदेश में सवा करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं। प्रदेश के बड़े शहरों में रोजाना गैस सप्लाई का अनुमान इस प्रकार है-
भोपाल: करीब 15 हजार सिलेंडर रोज
इंदौर: करीब 25 हजार सिलेंडर
जबलपुर: 20-25 हजार सिलेंडर
ग्वालियर: करीब 20 हजार सिलेंडर
सागर: 6 से 8 हजार सिलेंडर
छोटे जिलों में: लगभग 2 हजार सिलेंडर रोज
हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपए तक की बढ़ोतरी भी हुई है। प्रमुख शहरों में नए दाम-
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अगर गैस डीलर सिलेंडर नहीं दे रहा है या ज्यादा कीमत वसूल रहा है, तो उपभोक्ता इन हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं-
भारत गैस: 1800-22-4344
इंडेन गैस: 1800-2333-555
एचपी गैस: 1800-2333-555
ये सभी नंबर टोल फ्री हैं।
गैस वितरकों का कहना है कि, सर्वर की समस्या ठीक होते ही बुकिंग प्रक्रिया सामान्य हो सकती है। हालांकि सप्लाई को पूरी तरह सामान्य होने में कुछ दिन लग सकते हैं। फिलहाल प्रशासन, गैस कंपनियां और वितरण एजेंसियां मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं।