जबलपुर। गलत वेरिफिकेशन रिपोर्ट देने के मामले में मंडला के एसपी रजत सकलेचा के साथ घुघरी थाना प्रभारी पूजा बघेल शुक्रवार को हाईकोर्ट में हाजिर हुर्इं। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने एसपी से कहा- आपको यहां सिर्फ इसलिए बुलाया गया, ताकि आपको पता चल सके कि टीआई कैसे काम कर रहे हैं। बेंच ने यहां तक कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर जब ये हाल हैं तो आम जनता के साथ क्या होता होगा। इन टिप्पणियों के साथ बेंच ने 15 साल की सजा पाए आरोपी को टेम्पररी बेल दी है। बेंच ने कहा है कि आरोपी को 19 अप्रैल को जमानत पर छोड़ा जाए और 21 अप्रैल को उसे वापस सरेण्डर करना होगा।
गौरतलब है कि एक नाबालिग से दुराचार करने के आरोप में घुघरी थानांतर्गत देवीस्थल मोहल्ला में रहने वाले अन्नू वनवासी को मंडला की विशेष अदालत ने 17 अक्टूबर 2024 को 20 साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ वर्ष 2025 में हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई। अपील के विचाराधीन रहते आरोपी की ओर से एक अर्जी दाखिल कर कहा गया कि उसके भाई अनिल की 20 अप्रैल को शादी है, इसलिए आरोपी अन्नू को अस्थाई जमानत का लाभ दिया जाए। इस मामले पर हाईकोर्ट ने घुघरी थाना प्रभारी को सत्यापन रिपोर्ट पेश करने कहा था।
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घुघरी थाने के टीआई द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि अन्नू की शादी गायत्री रौतेले से 18 अप्रैल को होना है। रिपोर्ट को देखकर डिवीजन बेंच ने बीते गुरुवार को कहा था कि शादी आरोपी के भाई अनिल की होना है, लेकिन टीआई द्वारा गलत रिपोर्ट पेश की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए बेंच ने मंडला एसपी को सही रिपोर्ट के साथ हाजिर होने कहा था।
शुक्रवार को हाजिर हुए एसपी ने रिपोर्ट देकर बताया कि शादी आरोपी के भाई की ही होना है। इस पर बेंच ने एसपी को समझाइश देते हुए आरोपी को 19 से 21 अप्रैल तक के लिए टेम्पररी बेल प्रदान की। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार विश्वकर्मा और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सिंह हाजिर हुए।
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