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मप्र हाईकोर्ट ने 8,969 नर्सिंग विद्यार्थियों के रिजल्ट का ब्योरा पेश करने को कहा, बुधवार को भी सुनवाई

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग फर्जीवाड़े से जुड़ी जनहित याचिका पर एमपी नर्सिंग रेग्युलेटरी काउंसिल को 8,969 विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम का ब्योरा पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के जीएनएम प्रथम वर्ष और 2021-22 के जीएनएम तृतीय वर्ष के परिणामों की जानकारी गुरुवार की सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा है।
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मप्र हाईकोर्ट ने 8,969 नर्सिंग विद्यार्थियों के रिजल्ट का ब्योरा पेश करने को कहा, बुधवार को भी सुनवाई
फाइल फोटो

जबलपुर। मध्यप्रदेश के पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के कार्यकाल से जुड़े बहुचर्चित नर्सिंग फर्जीवाड़े को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने एमपी नर्सिंग रेग्युलेटरी काउंसिल (MPNRC) को 8,969 छात्रों की परीक्षा के रिजल्ट का ब्योरा पेश करने कहा है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के उपयुक्त (सूटेबल) कॉलेजों के जीएनएम (प्रथम वर्ष) और सत्र 2021-22 के लिए जीएनएम (तृतीय वर्ष) की परीक्षाओं के रिजल्ट का ब्योरा गुरुवार को होने वाली सुनवाई पर पेश करने कहा है। 

लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई

हाईकोर्ट ने ये निर्देश लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिए। दरअसल, याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में एक अर्जी लगाकर आरोप लगाया था कि सीबीआई द्वारा अयोग्य ठहराए गए 117 कॉलेजों के छात्रों की परीक्षाएं 27 अप्रैल से आयोजित की जा रही हैं। पूर्व में हाईकोर्ट ने कहा था कि कोर्ट की अनुमति के बिना कोई भी परीक्षा आयोजित न की जाए। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सूटेबल पाए गए कॉलेजों के छात्रों की परीक्षाएं कराने के आदेश दिए थे।

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‘आदेश के मुताबिक परीक्षाएं कराई’

मंगलवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बगरेचा और एमपीएनआरसी की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी हाजिर हुए। उन्होंने डिवीजन बेंच को बताया कि पिछली पेशी पर दिए आदेश के मुताबिक छात्रों की परीक्षाएं करा ली गई हैं। इस पर बेंच ने रिजल्ट का ब्योरा पेश करने के निर्देश दिए। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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