एमपी में भारी बारिश: मंदाकिनी और नर्मदा उफान पर, कई रास्ते बंद

जबलपुर। नदियां और बरसाती नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जबकि कई राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर पुल जलमग्न होने से यातायात ठप पड़ गया है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए कई बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है और प्रभावित जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने एसडीआरएफ और पुलिस टीमों को तैनात कर लोगों से उफनते पुल-पुलियों को पार नहीं करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के पार, रामघाट में अलर्ट
चित्रकूट के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा के चलते मंदाकिनी नदी में 26 दिन के भीतर दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात बने हैं। शुक्रवार शाम उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित प्रमुख रामघाट पर नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया और घाट की सीढ़ियों और निचली दुकानों तक पहुंच गया। इसके बाद व्यापारियों को आनन-फानन में दुकानें खाली करनी पड़ीं, जबकि मध्य प्रदेश की ओर आरोग्यधाम के पास रपटे पर पानी बहने से आवागमन बाधित हुआ।
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डिंडौरी में नेशनल हाईवे का पुल डूबा
डिंडौरी में पिछले 24 घंटे में औसतन 4 इंच बारिश दर्ज की गई है। जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर जोगी टिकरिया में नर्मदा नदी पर बना लगभग 25 फीट ऊंचा पुल डूब गया, जिससे डिंडौरी का जबलपुर से सीधा सड़क संपर्क कट गया। शहर के हंसनगर और साकेतनगर के निचले हिस्सों में पानी भरने के बाद वार्ड नंबर 7 में मुनादी कराकर करीब सात घरों को खाली कराया गया।
बिलगांव बांध के दो गेट खोले, स्कूलों में छुट्टी
सिलगी नदी पर बने बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अत्यधिक पानी आने से शनिवार सुबह दो गेट 60 सेमी और 50 सेमी खोलकर 73.16 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्कूलों और आंगनबाड़ियों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। चित्रकूट में भी एसडीआरएफ तैनात कर दी गई है और लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर लोगों को घाट से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है।
अनूपपुर और उमरिया में भी नदियां उफान पर
अनूपपुर जिले में बीते 24 घंटे में औसतन 2.75 इंच और नर्मदा के उद्गम अमरकंटक में सर्वाधिक 6 इंच वर्षा हुई है। जैतहरी, कोतमा और बिजुरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि उमरिया में चंदिया-बिलासपुर मार्ग पर बन्ना नाला उफान पर आने से मार्ग बंद हो गया। संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के चार गेट 2-2 मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है और उमरिया में 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश रखा गया है।
मंडला और बालाघाट में बढ़ा जलस्तर, बांधों के गेट खोले
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर 437.96 मीटर तक पहुंच गया, जिससे शहर का छोटा पुल डूब गया है। संवेदनशील घाटों पर होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवान तैनात हैं, जबकि बालाघाट में लगातार बारिश के बाद भीमगढ़ यानी संजय सरोवर बांध का जलस्तर 519.38 मीटर पहुंचने पर गेट नंबर 5 और 6 को 0.30 मीटर खोलकर वैनगंगा नदी में 96 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने तटीय इलाकों के लिए भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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अगले 24 से 48 घंटे बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक क्षेत्र में घने बादल छाए रहने और रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से उफनते पुल-पुलियों को पार न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है, साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।




















