Peoples Update Special :मप्र के शहरों के विकास और लैंड यूज में 14 साल बाद बड़े बदलाव की तैयारी

लैंड यूज को लेकर मप्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के शहरों के विकास और भूमि उपयोग व्यवस्था में 14 साल बाद बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए मप्र भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया गया है। सरकार का प्लान है 12 के बजाय 24 मीटर चौड़ी सड़कों किनारे मिक्स यूज करना।
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मप्र के शहरों के विकास और लैंड यूज में 14 साल बाद बड़े बदलाव की तैयारी

अशोक गौतम, भोपाल। मध्यप्रदेश में शहरों के विकास और भूमि उपयोग व्यवस्था में 14 साल बाद बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए मप्र भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया गया है। इसमें भूमि उपयोग क्षेत्र (जोन) के लिए अलग-अलग नेगेटिव लिस्ट तय की जाएगी। यानी जिस उपयोग पर स्पष्ट प्रतिबंध नहीं होगा, वह निर्धारित शर्तों के साथ मान्य किया जाएगा। इसमें सौ से अधिक कॉलोनाइजर्स, बिल्डर्स और उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने सुझाव दिए हैं।

सड़कों की चौड़ाई के आधार पर उद्योग लगेंगे 

अभी 12 मीटर की सड़कों के किनारे ही मिक्स लैंडयूज का प्रावधान है। सरकार 24 मीटर की सड़कों पर मिक्स लैंड यूज करना चाह रही है। इसमें  भोपाल, इंदौर पर फोकस किया गया है। शहरों में वाहनों का दबाव बढ़ रहा है, प्लॉट साइज छोटे हो रहे हैं और शहर की डेंसिटी बढ़ रही है। उसे देखते हुए अन्य शहरों में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

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क्या हैं प्रमुख नए बदलाव

  • हर भूमि उपयोग जोन के लिए अलग नेगेटिव लिस्ट।
  • जिन उपयोगों पर प्रतिबंध नहीं, वे निर्धारित शर्तों के साथ मान्य होंगे।
  • सभी जोन में मिक्स्ड यूज को प्रोत्साहन।
  • तालाब, जलाशय और जल निकायों में निर्माण व अतिक्रमण पर सख्ती।
  • हेरिटेज और वन क्षेत्रों के संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान। 

मसौदा को लेकर ये आईं आपत्तियां 

  • मिक्स लैंड यूज को लेकर रहवासी कॉलोनियों में डिस्टर्बेस बढ़ेगा।
  • सुबह से लेकर देर रात तक कारोबार चलते रहने से लोगों की आवाजाही और वाहनों का दबाव बढ़ेगा।
  • औद्योगिक क्षेत्रों में गोदाम नहीं होंगे तो ट्रांसर्पोटेशन के चलते मटेरियल कास्ट बढ़ जाएगी।

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घरों में शुरू होंगे रोजगार

सरकार ने भूमि विकास नियमों में बदलाव करने के निर्णय से लोगों अपने घरों में रोजगार-धंधे प्रारंभ कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने कई उद्योगों को निगेटिव सूची में डाला है। इससे यह तय हो जाएगा कि किन क्षेत्रों में कौन-कौन से उद्योग संचालित नहीं हो पाएंगे।

विजय गौर, अध्यक्ष, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन भोपाल।

ज्यादा महंगे सामान और सेवाएं मिलेंगी

कई गतिविधियां कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों में नहीं किए जाने से लोगों को ज्यादा महंगे सामान और सेवाएं मिलेंगी। रहवासी क्षेत्रों में गैस गोदाम नहीं होने से अगर सिलेंडर 30 किलोमीटर दूर से आएगा तो परिवहन का बोझ आम लोगों पर बढ़ेगा। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भंडारण का प्रावधान नहीं होने से उद्योग 20 किलोमीटर दूर भंडारण करेंगे, इससे लागत राशि बढ़ जाएगी।

कमल राठी, सामाजिक कार्यकर्ता

सड़कें 12 मीटर से ज्यादा चौड़ी  होना चाहिए

मिक्स लैंड यूज का निर्णय सरकार का सही है। इससे लोगों को रोजगार के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन इसमें सड़कों की 12 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कें होना चाहिए। क्योंकि जैसे ही व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, वैसे ही वाहनों का दबाव भी बढ़ेगा। इसके साथ-साथ अन्य छोटी-छोटी सहयोगी व्यावासायिक गतिविधियां बढ़ेगी।

मनोज मीक, अध्यक्ष, क्रेडाई भोपाल

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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