Peoples Update Special :जल जीवन मिशन...मप्र फिसड्डी राज्यों में शामिल, 6 साल में सिर्फ 18 हजार गांवों में हर घर पानी

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। जल जीवन मिशन के तहत गांव के हर घर तक पानी पहुंचाने के मामले में मध्य प्रदेश पिछड़ गया है। केंद्र सरकार की अधिकृत जानकारी के अनुसार, मप्र, देश के सबसे फिसड्डी पांच राज्यों में शामिल है।
जल जीवन मिशन के पोर्टल के ताजा रिपोर्ट बता रही कि मप्र जल जीवन मिशन में लगातार पिछड़ रहा है। पोर्टल के अनुसार, 2019-20 में योजना में 51,264 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें छह साल में अब तक करीब 26,693 गांवों में ही पाइप लाइन डालकर नल कनेक्शन का काम पूरा हो सका है। इसमें भी सिर्फ 18,448 हजार गांवों में ही हर घर प्रमाणित है। यानी सरकारी रिकॉर्ड में इन गांवों के सभी घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में नल से पीने का साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। केंद्र सरकार के सर्वे में मिलीं थीं खामियां।
अगस्त 2024 में केंद्र सरकार ने प्रदेश के 1,271 हर घर जल वाले गांवों के 15,244 घरों में ‘कार्यक्षमता मूल्यांकन परीक्षण’ कराया था। सर्वे में पाया गया कि हर घर जल-प्रमाणित गांवों के 617 घरों में नल कनेक्शन ही नहीं था। सर्वेक्षण में शामिल 13 हर घर जल वाले गांवों में निरीक्षण के लिए चुने गए एक भी घर में नल कनेक्शन नहीं पाया गया। इसी तरह 1,522 घरों में से 423 (27.8%) से एकत्र पानी के नमूने मानकों पर खरे नहीं मिले। यानी इन घरों में नल से दूषित पानी मिल रहा था।
पीपुल्स समाचार की पड़ताल
सागर जिले के राहतगढ़ जनपद के ग्राम पंचायत मरदानपुर में मोहासा, मैनवारा, तातारपुर और धनोरा गांव आते हैं। जल जीवन मिशन के पोर्टल के आंकड़े बता रहे कि सभी गांवों में कनेक्शन हो गए हैं और एक गांव को छोड़कर शत प्रतिशत घरों में पानी पहुंच रहा है। पीपुल्स संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि इस पंचायत के ग्राम मोहासा में डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली एक पानी की टंकी है। सरपंच चरण सिंह यादव ने कहा, पांचों गांवों की आबादी 8 हजार से अधिक है। प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी मिलना चाहिए, जो कि एक टंकी से संभव नहीं है। हमने मरदानपुर में एक और टंकी बनवाने की मांग की है। ग्राम मोहासा के डॉ. धर्मेन्द्र सिंह बताते हैं, पानी की टंकी सिर्फ दिखावा है। सबको पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। उनके यहां एक बोर कराया गया है, जिससे गांव के लोग पानी लेते हैं। जल जीवन मिशन का पोर्टल भी बताता है कि बीते जून माह में मरदानपुर पंचायत के सभी गांवों में एक दिन छोड़कर सप्लाई की गई।
यह भी पढ़ें: इंदौर से अबूधाबी की पहली सीधी उड़ान कल से: मुख्यमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी
आंकड़ों में भी बाजीगरी
मरदानपुर पंचायत अंतर्गत चार गांव मरदानपुर, मोहासा, धनौरा और तातारपुर के हाउस होल्ड की संख्या जनगणना 2011 के अनुसार 524 है, जबकि जल जीवन मिशन के रिकॉर्ड में यह 434 है। यानी हाउस होल्ड की संख्या और घट गई।
झाबुआ की जमीनी हकीकत भी जानिए
जिले में 430 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। योजनाएं पंचायतों को सौंप दी गई हैं। झाबुआ का खेड़ा गांव में लगभग 42 डिग्री सेल्सियस में महिलाएं पानी ढोती हैं। वर्ष 2022 में बिछाई गई एक पाइपलाइन चार साल बाद भी घरों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। जिले के पारा पंचायत के अंतर्गत बख्तपुरा वार्ड के निवासी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। यहां के सतीश ने कहा मैंने पानी के संकट को लेकर अधिकारियों को सात पत्र लिखे हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदला है। 50 हजार लीटर की टंकी है,जिसमें मुश्किल से ही पानी समा पाता है।
हर घर जल (रिपोर्टेड): राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के जल आपूर्ति विभाग ने पुष्टि की है कि उस प्रशासनिक इकाई में सभी घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नलों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है।
हर घर जल (सर्टिफाइड): ग्राम सभा ने जल आपूर्ति विभाग के उस दावे की पुष्टि करने के बाद प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें कहा गया है कि गांव के सभी घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से पानी की आपूर्ति हो रही है।
(यह प्रक्रिया तब पूरी की जाती है जब जल आपूर्ति विभाग ग्राम पंचायत को यह प्रमाण-पत्र दे देता है कि सभी घरों में नल से पानी की आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है)।
प्रदेश में जल जीवन मिशन की तस्वीर
कुल हाउसहोल्ड: 1,11,14,164
हर घर नल कनेक्शन: 83,25,502
प्रदेश के चिन्हित ग्राम संख्या: 51,264 (52 जिले)
इनमें हर घर जल (रिपोर्टेड): 26,813
हर घर जल (सर्टिफाइड): 18,689
..................................................................
स्त्रोत: जल जीवन मिशन पोर्टल (13 जुलाई)
शत प्रतिशत वाला जिला: बुरहानपुर
हाउसहोल्ड
जनगणना 2011 के अनुसार: 97,436 (ग्रामीण)
जल जीवन मिशन के रिकॉर्ड में: 1,01,905
देश (राज्य और केंद्र शासित राज्यों) में मप्र की स्थिति
- उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल, मिजोरम और पुडुचेरी में शत प्रतिशत गांवों में नल कनेक्शन हो चुके हैं।
- देश के अंतिम पांच राज्यों में मप्र के बाद राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड और केरल हैं। इन राज्यों में अभी तक 75 या इससे कम नल कनेक्शन हुए हैं।
जिलों में हर घर जल की स्थिति
-बुरहानपुर, निवाड़ी में 100 प्रतिशत और इंदौर, बालाघाट, हरदा, नर्मदापुरम, ग्वालियर और नरसिंहपुर में 95 प्रतिशत या इससे कम घरों में नल कनेक्शन हो चुके हैं।
-अशोकनगर, पन्ना में 46 प्रतिशत और आलीराजपुर, छतरपुर, सतना और सिंगरौली में 40 प्रतिशत तक नल कनेक्शन हुए हैं।
प्रबंध संचालक से चार दिन तक संपर्क
प्रदेश में जल जीवन मिशन में आंकड़ों और प्रगति को लेकर प्रबंध संचालक केवीएस चौधरी से चार दिन तक लगातार संपर्क किया गया। उन्होंने दो बार जानकारी उपलब्ध कराने की सूचना दी। लेकिन वे प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष सामने नहीं आ सके।











