Peoples Update Special :बाघों के घर में अब स्निफर डॉग और टीम के लिए जासूसी की लगेगी पाठशाला

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। बाघों की खूंख्वार दहाड़ के लिए मशहूर बांधवगढ़ के जंगलों में अब ‘जासूसी’ की एक नई पाठशाला सजेगी। यह पाठशाला वन्यजीव अपराधियों की चाल को नाकाम करने और उनके हर सुराग को सूंघकर पकड़ने के लिए प्रदेश के वन विभाग के अपने साइलेंट वारियर्स यानि स्निफर डॉग को उनकी सेंट डिटेक्शन की ताकत को रिफ्रेश करने और टीमों को अपराध के बदलते पैर्टन को बताने के लिए भी होगी। साथ ही उन्हें 'क्राइम सीन' को सुरक्षित करने, संदिग्धों का पीछा करने और जटिल साक्ष्यों की तलाश करने के लिए 'मॉक ड्रिल' के जरिए व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा। इसमें प्रदेशभर के 18 डॉग स्क्वाड और उनकी टीमें हिस्सा लेंगी।
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इन नेशनल पार्कों, सेंचुरी से आएंगे जाबांज डॉग स्क्वाड
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि स्पेशल ट्रेनिंग में प्रदेशभर के नेशनल पार्कों और सेंचुरी के साथ वन वृत्तों में सेवाएं देने वाले डॉग स्क्वाड और उनकी टीमें आएंगी। इन में कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, बांधवगढ़, संजय और माधव नेशनल पार्क, रानी वीरांगना दुर्गावती नेशनल पार्क से, गांधी सागर वन्यजीव अभयारण, वन वृत्त से रीवा, छिंदवाड़ा और बालाघाट के डॉग स्क्वाड और उनकी टीम इसमें हिस्सा ले रही है।
मास्टर ट्रेनर्स की निगरानी में चलेगा कैंप
ट्रेनिंग कैंप स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर के प्रभारी अधिकारी राजा खरे के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बीएसएफ के पूर्व डॉग इंस्ट्रक्टर जसवंत बरमन और वरिष्ठ डॉग हैंडलर कैलाश चरार मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका निभाएंगे।
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