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MP कैबिनेट में हुए कई बड़े फैसले, पांच जिला अस्पतालों में बढ़ेंगी बिस्तरों की संख्या, किसानों के लिए जीरो प्रतिशत पर कर्ज, आगे भी जारी रहेगा

कैबिनेट ने टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी के जिला अस्पतालों में बेड बढ़ाने की मंजूरी दी है।
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MP कैबिनेट में हुए कई बड़े फैसले, पांच जिला अस्पतालों में बढ़ेंगी बिस्तरों की संख्या, किसानों के लिए जीरो प्रतिशत पर कर्ज, आगे भी जारी रहेगा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मोहन कैबिनेट की गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के पांच जिला अस्पतालों में बेड बढ़ाने और 810 नए पद सृजित करते हुए स्टाफ की भर्ती को मंजूरी दी है। इसके साथ सरकार ने किसानों के लिए भी जरूरी फैसले लिए हैं। किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से जीरो प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देने की योजना को जारी रखने का फैसला लिया है। साथ ही री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। यानी अब जितनी जमीन दी जाएगी उसका सौ फीसदी डेवलपमेंट किया जाएगा।

    उपमुख्यमंत्री ने दी जानकारी

    मीटिंग के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि कैबिनेट ने पांच जिलों (टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी) के जिला अस्पतालों में बेड बढ़ाने की परमिशन दी है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने मेडिकल स्टाफ के 810 नए पद सृजन का फैसला लिया है।

    जिसके बाद इन्हें मिलाकर इन अस्पतालों में नियमित 543 पद, संविदा के 400 और आउटसोर्सिंग के 263 पदों को भरा जाएगा। इन पर सालाना 39.50 करोड़ का खर्च आएगा। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश के पांच जिलों के अस्पतालों में बिस्तर की संख्या बढ़ जाएंगी। टीकमगढ़ जिले में 300 बिस्तर का अस्पताल अब 500 बिस्तर का होगा। श्योपुर का जिला अस्पताल 200 से 300 बेड का होगा। नीमच का अस्पताल 200 से 400 बेड, सिंगरौली में जिला अस्पताल 200 से 400 बेड का हो जाएगा डजबकि डिंडोरी में 100 बेड का अस्पताल 200 बेड का हो जाएगा।

    कैबिनेट ने री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी के संशोधन को मंजूरी दी

    डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि बैठक में री-डेंसिफिकेशन पालिसी- 2022 में संशोधन को मंजूरी दी है। जिससे अब तय हुआ है कि निर्वर्तन (जमीन ऑक्शन में देने की प्रक्रिया) में ऑक्शन होने वाली जमीन पर मिलने वाली पूरी राशि से विकास किया जाएगा। जहां अभी तक कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर 100 प्रतिशत ऑक्शन होता था। इस फैसले से विकास कार्य में तेजी आएगी।

    क्या है री-डेंसिफिकेशन पॉलिसी

    री-डेंसिफिकेशन योजना के तहत ऐसी सरकारी संपत्ति ली जाती है, जिसकी जमीन का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है। इन लोकेशन पर सरकार शॉपिंग कॉम्पलेक्स, सरकारी भवन और आवास बनाएगी। इसमें सरकारी संपत्ति का करीब 30% हिस्सा बिल्डर या डेवलपर को दिया जाएगा। इसके एवज में सरकार संबंधित डेवलपर से एक तय रकम लेगी। इससे बाकी बचे हुए 70% हिस्से पर निर्माण कार्य कराएगी।

    इन फैसलों को भी मिली मंजूरी

    • सहकारी बैंकों के माध्यम से जीरो प्रतिशत ब्याज पर जो लोन 2012-13 से दिया जा रहा है, उसे 2025-26 में बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। तीन लाख तक का लोन मिलता है और 30 हजार करोड़ तक का लोन दिया जाएगा।
    • कैबिनेट ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल हासिल करने के लिए अच्छा परफार्म करने वाले जिलों को सम्मानित करने का फैसला भी लिया है। जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, लैंगिक समानता पर काम होगा।
    • सागर के मालथौन में एक न्यायालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए पदों को मंजूरी दी गई है।
    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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