बहनों के लिए खुशखबरी-मप्र में पांच साल तक जारी रहेगी लाड़ली बहना योजना

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी। बैठक में नर्मदा मिशन, स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 11,835 करोड़ रुपये, सड़क विकास निगम में 35 नए पद और कृषि विज्ञान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटन समेत 18 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
बहनों के लिए खुशखबरी-मप्र में पांच साल तक जारी रहेगी लाड़ली बहना योजना
भोपाल। डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की बैठक मंत्रालय में हुई।

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अगले पांच वर्षों तक जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में दोनों योजनाओं को आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई। लाड़ली बहना योजना पर पांच वर्षों में 1,14,365 करोड़ रुपये और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16,326 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मातृ वंदना योजना पर 2,137 करोड़ रुपये होंगे खर्च 

मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी। योजना में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 रहेगी। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 2,137 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 11,835 करोड़ रुपये मंजूर 

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच वर्ष तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई। उप स्वास्थ्य केंद्रों की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अस्पतालों और औषधालयों के भवन निर्माण तथा आशा कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त प्रोत्साहन से जुड़ी योजनाओं के लिए 11,835 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

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 नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा 'नमन मिशन'

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 'निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन' यानी नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी गई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के अनुसार नर्मदा के संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने के लिए यह मिशन काम करेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी नर्मदा नदी के किनारे निवास करती है।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद स्वीकृत 

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के सुचारू संचालन के लिए स्वीकृत संरचना में 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत सात पदों को भी 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच वर्षों तक बनाए रखने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा कृषि विभाग की 500 करोड़ रुपये से कम वित्तीय आकार वाली तीन योजनाएं भी 2031 तक जारी रहेंगी।

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विज्ञान, न्यायालय और विभागीय मामलों पर भी फैसले 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अनुसंधान, योजना, विकास, प्रशासन और विज्ञान प्रसार संबंधी योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई। इन पर पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपये से अधिक खर्च प्रस्तावित है। मंत्रिपरिषद ने निजी अस्पतालों में उपचार के दो मामलों के भुगतान, सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के पालन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।

कृषि विज्ञान केंद्र के लिए 20 हेक्टेयर जमीन आवंटित 

सीहोर जिले की इछावर तहसील के भाउखेड़ी गांव में कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण के लिए आईसीएआर के नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट को 36.022 हेक्टेयर में से 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने की मंजूरी दी गई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग, एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण और नशामुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का अभियान चलाने की जरूरत भी बताई।

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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