Naresh Bhagoria
7 Feb 2026
Shivani Gupta
7 Feb 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को विपक्ष ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मंत्री विजय शाह की उपस्थिति पर कांग्रेस विधायकों ने नाराजगी जताई और सदन के भीतर 'विजय शाह इस्तीफा दो' के नारे लगाए। सदन में बार-बार हो रहे हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा की कार्यवाही 4 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
विवाद की जड़ में मंत्री विजय शाह का वह बयान है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर कांग्रेस लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। शुक्रवार को जैसे ही मंत्री विजय शाह सदन में पहुंचे, कांग्रेस विधायकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जब मंत्री विजय शाह विभागीय प्रश्नों का उत्तर देने खड़े हुए, कांग्रेस विधायक भड़क उठे। कांग्रेस विधायकों ने आसंदी के पास जाकर धरना भी दिया। हंगामा बढ़ता देख पहले 10 मिनट और फिर दोपहर 1 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो फिर हंगामा शुरू हो गया, जिस पर स्पीकर ने कार्यवाही 4 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने सदन में कहा, "जिस मंत्री ने सेना का अपमान किया है, उसे सदन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए।" उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल "पाकिस्तान, आतंकवाद, लव जिहाद, कश्मीर" जैसे शब्दों के सहारे राजनीति करती है। बरैया ने कहा, "अगर भाजपा इन शब्दों को छोड़ दे, तो उसकी ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी।"
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायक परिसर में भी प्रदर्शन करते नजर आए। "विजय शाह इस्तीफा दो" के नारे गूंजते रहे। कांग्रेस ने विजय शाह को बर्खास्त करने की मांग दोहराई और कहा कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी।
वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, "जो पार्टी पाकिस्तान और चीन की भाषा बोलती है, वो आज सेना के सम्मान की बात कर रही है। यह केवल दिखावा है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन हो गई है, इसलिए इस तरह के हंगामे कर रही है।
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में कथित खाद संकट को लेकर भी प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार किसानों को खाद की जगह नैनो यूरिया देकर भ्रमित कर रही है। जबकि कृषि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है।