वर्दी में भक्ति का रंग; डीएसपी ने किया शिव तांडव का सरल हिंदी अनुवाद, एक्टर मुकेश खन्ना ने लॉन्च किया वीडियो

ग्वालियर। पुलिस की व्यस्त ड्यूटी, अपराध और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों के बीच साहित्य और भक्ति के लिए वक्त निकालना आसान नहीं होता। लेकिन मुरैना के डीएसपी विजय भदौरिया ने वर्दी के साथ भक्ति और साहित्य का ऐसा संगम पेश किया है, जो अब देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है। उन्होंने भगवान शिव के प्रसिद्ध शिव तांडव स्तोत्र का सरल और भावपूर्ण हिंदी अनुवाद किया है।
आम भक्त भी आसानी से समझ सकें
डीएसपी भदौरिया ने इसी कमी को महसूस किया और स्तोत्र के श्लोकों का ऐसा हिंदी रूपांतरण तैयार किया, जिससे आम भक्त भी शिव की महिमा और तांडव के भाव को आसानी से समझ सकें।उनके हिंदी अनुवाद पर आधारित भक्ति और संगीत से सजे वीडियो एल्बम को टीवी अभिनेता मुकेश खन्ना ने लॉन्च किया। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद इसे लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अब शिव तांडव स्तोत्र को संस्कृत के साथ सरल हिंदी में भी सुना और समझा जा सकता है।
रावण की रचना, शिव की महिमा
शिव तांडव स्तोत्र को परंपरागत रूप से रावण द्वारा रचित 17 श्लोकों का स्तोत्र माना जाता है। इसमें भगवान शिव के तांडव स्वरूप, उनकी शक्ति, सौंदर्य और महिमा का प्रभावशाली वर्णन मिलता है। संस्कृत के कठिन शब्दों के कारण आम श्रद्धालु इसके भाव से पूरी तरह परिचित नहीं हो पाते थे। हिंदी अनुवाद इस दूरी को कम करने का प्रयास है।
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आध्यात्मिकता से जुड़ा एक सकारात्मक उदाहरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि डीएसपी विजय भदौरिया ने पुलिस अधिकारी की पारंपरिक छवि से आगे बढ़कर साहित्य और आध्यात्मिकता से जुड़ा एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। उनका यह प्रयास अब मुरैना से निकलकर देशभर के शिवभक्तों तक पहुंच रहा है।
लोग मंत्र तो पढ़ते हैं, अर्थ जानने की कोशिश नहीं करते
‘मुझे शिकायत है कि लोग मंत्रों को पढ़ते तो हैं, लेकिन उनके अर्थ को जानने की कोशिश नहीं करते। विजय भदौरिया ने संस्कृत का बहुत सरल हिंदी अनुवाद किया है। यह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।’
मुकेश खन्ना, टीवी अभिनेता
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मेरा प्रयास है कि शिव तांडव स्तोत्र घर-घर पहुंचे
‘ड्यूटी के बीच जो भी समय मिलता था, मैंने उसे भक्ति भाव से इस स्तोत्र को लिखने में लगाया। मेरा प्रयास था कि शिव तांडव का भाव हर घर तक पहुंचे, ताकि युवा और आमजन भी शिव की महिमा को आसानी से समझ सकें।’
विजय भदौरिया, डीएसपी












