भोपाल रेलवे स्टेशन पर महिला के ट्रॉली बैग से पकड़ाया 6.325 KG मेथामफेटामाइन, नई दिल्ली से बेंगलुरू जा रही थी

भोपाल रेलवे स्टेशन पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला यात्री के ट्रॉली बैग से 6.325 किलो मेथामफेटामाइन बरामद किया है। महिला ने ड्रग को बैग के अंदर बनाई गई एक गुप्त जगह में छिपा रखा था। वह नई दिल्ली से बेंगलुरु जा रही थी। DRI ने यह कार्रवाई 11 अगस्त को ‘ऑपरेशन क्रिस्टल डैगर’ के तहत की। बरामद ड्रग की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। महिला को NDPS एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर स्टेशन पर पहुंची DRI टीम
DRI अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एक महिला ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर जा रही है। सूचना मिलने के बाद टीम ने भोपाल जंक्शन पर निगरानी शुरू की। जांच के दौरान टीम ने ट्रेन में मौजूद संदिग्ध महिला की पहचान की। उसके पास एक काले रंग का ट्रॉली बैग था। तलाशी लेने पर बैग में एक ऐसी गुप्त कैविटी मिली, जिसे सामान्य जांच के दौरान आसानी से देख पाना मुश्किल था।
बैग में मिले छह पैकेट
गुप्त कैविटी के अंदर छह प्लास्टिक पैकेट छिपाकर रखे गए थे। सभी पैकेट भूरे रंग की टेप से लिपटे हुए थे। जब अधिकारियों ने पैकेट खोले तो उनके अंदर सफेद रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ मिला। DRI टीम ने मौके पर NDPS फील्ड टेस्टिंग किट से पदार्थ की जांच की। शुरुआती जांच में इसकी पहचान मेथामफेटामाइन के रूप में हुई। तौल करने पर छहों पैकेटों में कुल 6.325 किलो क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन मिला। इसके बाद DRI ने नशीले पदार्थ को जब्त कर महिला को गिरफ्तार कर लिया।
ग्रेटर नोएडा में भी कार्रवाई
महिला से पूछताछ और शुरुआती जांच के बाद DRI ने ड्रग सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश शुरू की। इसी सिलसिले में DRI और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की टीम ने ग्रेटर नोएडा में भी कार्रवाई की। टीम ने वहां से चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में एक विदेशी ड्रग सिंडिकेट के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।
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भारतीय नागरिकों को बनाया जा रहा था कैरियर
DRI के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि विदेशी सिंडिकेट कथित तौर पर भारतीय नागरिकों को ड्रग कैरियर के तौर पर इस्तेमाल कर देश में नशीले पदार्थ पहुंचा रहा था। भोपाल में हुई बरामदगी के बाद जांच अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ड्रग की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मामले में DRI की जांच जारी है।












