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Monkeypox की भारत में एंट्री, विदेश से लौटे शख्स में लक्षण मिले, आइसोलेशन में रखा, जानें स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा

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Monkeypox की भारत में एंट्री, विदेश से लौटे शख्स में लक्षण मिले, आइसोलेशन में रखा, जानें स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा
नई दिल्ली। भारत में मंकीपॉक्स की एंट्री हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में एक ऐसा शख्स भारत आया है, जो ऐसी कंट्री में था जहां पर मंकीपॉक्स की बीमारी फैली हुई है। मंकीपॉक्स जैसे लक्षण होने के बाद उस शख्स को आइसोलेशन में रखा गया है। फिलहाल, उसकी हालत स्थिर है। चिंता की कोई बात नहीं है। एमपॉक्स की पुष्टि करने के लिए व्यक्ति के सैंपल का टेस्ट किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा ?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- तय प्रोटोकॉल के तहत मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाने के प्रयास जारी हैं कि कौन-कौन उस व्यक्ति के संपर्क में आया है।  मंत्रालय ने कहा कि देश ऐसे अलग-अलग यात्रा-संबंधी मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी संभावित जोखिम से निपटने के लिए मजबूत उपाय किए गए हैं।

क्या है मंकीपॉक्स?

    • मंकीपॉक्स एक दुर्लभ और गंभीर वायरल बीमारी है। यह बीमारी एक ऐसे वायरस की वजह से होती है, जो स्मॉल पॉक्स यानी चेचक के वायरस के परिवार का ही सदस्य है।
    • अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, पहली बार ये बीमारी 1958 में सामने आई थी। तब रिसर्च के लिए रखे गए बंदरों में ये संक्रमण मिला था। इन बंदरों में चेचक जैसी बीमारी के लक्षण दिखे थे। इसलिए इसका नाम मंकीपॉक्स रखा गया है।
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इंसानों में मंकीपॉक्स का पहला मामला 1970 में सामने आया था। तब कॉन्गो के रहने वाले एक 9 साल के बच्चे में ये संक्रमण मिला था। 1970 के बाद 11 अफ्रीकी देशों में इंसानों के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने के मामले सामने आए थे।
    • दुनिया में मंकीपॉक्स का संक्रमण अफ्रीका से फैला है। 2003 में अमेरिका में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए थे। सितंबर 2018 में इजरायल और ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए थे। मई 2019 में सिंगापुर में भी नाइजीरिया की यात्रा कर लौटे लोगों में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई थी।
    • मंकीपॉक्स को लेकर इंग्लैंड की एजेंसी यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने कहा है कि अब मंकीपॉक्स का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ट्रांसफर होने लगा है।

क्या हैं इसके लक्षण?

  • मंकी पॉक्स के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। इनमें बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी छूटना, थकान और सूजी हुई लिम्फ नोड्स शामिल हैं।
  • मंकीपॉक्स वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 5 से 21 दिन तक का हो सकता है। इन्क्यूबेशन पीरियड का मतलब ये होता है कि संक्रमित होने के बाद लक्षण दिखने में कितने दिन लगे।
  • मंकीपॉक्स शुरुआत में चिकनपॉक्स, खसरा या चेचक जैसा दिखता है।
  • बुखार होने के एक से तीन दिन बाद त्वचा पर इसका असर दिखना शुरू होता है। शरीर पर दाने निकल आते हैं। ये दाने घाव जैसे दिखते हैं और खुद सूखकर गिर जाते हैं।
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Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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