मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: रेल और सड़क परियोजनाओं पर खर्च होंगे 13 हजार करोड़

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए रेल और सड़क से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 13,041 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी दी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से देश के अलग-अलग हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही माल ढुलाई और यात्री परिवहन की क्षमता बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
चार बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने पूर्वी और दक्षिणी भारत में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें रेलवे लाइनों के दोहरीकरण और चौथी लाइन के निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
1. खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन
खड़गपुर से भद्रक (रणिताल) के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण पर 3,352 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
2. भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन
भद्रक-हरिदासपुर के बीच चौथी लाइन के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,583 करोड़ रुपये है।
3. गुम्मडिपूंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन
दक्षिण भारत में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गुम्मडिपूंडी-गुडूर के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी। इस परियोजना पर 2,229 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
4. कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन
ओडिशा के औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों के लिए अहम कटक-पारादीप रेल लाइन की तीसरी और चौथी लाइन को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना पर 2,286 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बिहार में बनेगा चार लेन का हाईवे
रेल परियोजनाओं के साथ सड़क कनेक्टिविटी पर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक चार लेन के हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे उत्तर बिहार में सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
क्या होगा इन परियोजनाओं का फायदा?
सरकार के इस फैसले से रेल और सड़क नेटवर्क की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी। इससे ट्रेनों के संचालन में सुविधा और कई रूटों पर यात्रा के समय में कमी आने की संभावना है। वहीं, बिहार में बनने वाला चार लेन हाईवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रोजगार और आर्थिक विकास को भी मिलेगा फायदा
13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इस निवेश से निर्माण कार्यों के दौरान रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों और व्यापार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम 'गति शक्ति' जैसे राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के अनुरूप माना जा रहा है। इसका उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और देश की आर्थिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना है।
देश की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से यात्रियों और माल की आवाजाही अधिक सुगम हो सकती है। सरकार का फोकस मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने और आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ाने पर है।













