मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष ने अब सामान्य इलाकों से धार्मिक स्थलों तक अपनी पहुंच बना दी है। ईरान के जंजन शहर में ग्रैंड हुसैनीया मस्जिद पर इजरायली हवाई हमले में कम से कम तीन लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। यह हमला मंगलवार रात को हुआ, जिससे मस्जिद की इमारत को भी नुकसान पहुंचा।
ग्रैंड हुसैनीया मस्जिद जंजन शहर के फिरदौसी स्ट्रीट पर स्थित है। यह मस्जिद शिया समुदाय के लोगों के लिए मुख्य सभा स्थल और शोक सभाओं के लिए इस्तेमाल की जाती है।
ये भी पढ़ें: वॉर जल्द खत्म? अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का दिया बड़ा इशारा
हमले के समय मस्जिद में कितने लोग मौजूद थे, इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाई है। हमले में मस्जिद के गुंबद और मीनार के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर बड़ी संख्या में आपातकालीन कर्मचारी मौजूद हैं, जो घायलों को अस्पताल ले जाने और नुकसान का आंकलन करने में जुटे हैं। जंजन, ईरान की औद्योगिक प्रांतीय राजधानी है और यह तेहरान से लगभग 300 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
ईरान ने इस हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सीधे शिया समुदाय के खिलाफ था। इस बीच, पश्चिम एशियाई युद्धविराम की खबरों के बीच भी अमेरिका और इजरायल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं।
ईरान ने जवाब में इजरायल और अमेरिकी बेसों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इन हमलों में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। इजरायल के विभिन्न शहरों में 20 अलग-अलग जगहों पर हमले किए गए। इनमें बनी बराक में 10 साल का लड़का और 11 साल की लड़की भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों पक्ष लगातार हमले और जवाबी हमले कर रहे हैं। अब तक हुई हिंसा ने न केवल सैन्य ठिकानों को प्रभावित किया है, बल्कि नागरिक क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों तक भी अपनी पहुंच बना ली है।
ये भी पढ़ें: युद्ध की तपिश में झुलसा आम बजट : आसमान छूते खाद्य तेलों ने बिगाड़ा हनुमान जयंती का जायका
माना जा रहा है कि धार्मिक स्थलों पर हमले से तनाव और बढ़ सकता है। जंजीर में मस्जिद पर हमला इस बात का संकेत है कि संघर्ष अब सीधे आम लोगों और धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रहा है।
हमले के बाद जंजन शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से संयम रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मस्जिद के आसपास की सड़कें बंद कर दी गई हैं और घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
स्थानीय लोग भय और चिंता के माहौल में हैं। कई लोगों ने अपने घरों से बाहर न निकलने का निर्णय लिया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले पर चिंता जताई है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव पूरे पश्चिमी एशिया में सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति इसी तरह बढ़ती रही, तो क्षेत्रीय युद्ध का खतरा और भी गहरा सकता है।
वहीं अमेरिका ने फिलहाल इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दबाव और भी बढ़ गया है।