मेटा इस साल मई में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है और इसकी शुरुआत 20 मई के आसपास हो सकती है। यह कदम 2022-23 की बड़ी रिस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी का सबसे बड़ा वर्कफोर्स कट माना जा रहा है।
कंपनी शुरुआती फेज में अपनी कुल ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 10% हिस्सा कम करने की योजना बना रही है। इतना ही नहीं साल के दूसरे हिस्से में भी अतिरिक्त छंटनी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम संख्या और टाइमलाइन में बदलाव हो सकता है।
मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व में मेटा अब तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निवेश बढ़ा रही है। कंपनी का मानना है कि AI की मदद से काम ज्यादा तेजी और कम लागत में हो सकेगा। इसी वजह से मैनेजमेंट की कई लेयर्स को कम करने और AI-असिस्टेड वर्किंग मॉडल अपनाने की तैयारी है। पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि मेटा अपने कुल कर्मचारियों में 20% तक कटौती कर सकती है।
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टेक और मीडिया इंडस्ट्री में छंटनी का ट्रेंड लगातार जारी है। अमेजन ने हाल के महीनों में करीब 30,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की वहीं द वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने भी अपने टीवी, ESPN और टेक विभाग से लगभग 1,000 कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है। Layoffs.fyi के आंकड़ों के मुताबिक 2026 में अब तक 73,000 से ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं जबकि 2024 में यह संख्या 1.53 लाख से ज्यादा थी।
छंटनी के इस फैसले के बीच मेटा की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत बनी हुई है। कंपनी ने पिछले साल भारी AI निवेश के बावजूद करीब 200 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू और 60 बिलियन डॉलर का प्रॉफिट दर्ज किया।
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फेसबुक के लिए कंटेंट मॉडरेशन का काम करने वाली कंपनी समा पर भी इसका असर पड़ा है। मेटा द्वारा कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के बाद समा ने अपने 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों को ले-ऑफ नोटिस जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को हर संभव सहायता दी जा रही है।