Hormuz Crisis:जंग जैसे हालात में ‘देश गरिमा’ ने खतरे के बीच पार किया होर्मुज

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर खतरनाक जोन बन गया है। ईरान की ओर से सख्त सैन्य निगरानी और फायरिंग की जिसके कारण भारतीय झंडे वाले कई जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा, जबकि ‘देश गरिमा’ नाम का टैंकर खतरे के बीच इस अहम जलमार्ग को पार करने में सफल रहा।
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जंग जैसे हालात में ‘देश गरिमा’ ने खतरे के बीच पार किया होर्मुज
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मिडिल ईस्ट का माहौल इन दिनों बारूद से भरा है। इसी तनाव के बीच भारत का एक तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ ने वह कर दिखाया, जो हर किसी के बस की बात नहीं थी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील जलमार्ग को पार करना इस वक्त किसी जंग के मैदान से गुजरने जैसा है लेकिन यह जहाज बिना रुके आगे बढ़ गया। जहां एक ओर गोलियों की आवाज गूंज रही थी, वहीं ‘देश गरिमा’ ने अपनी दिशा नहीं बदली। 

    गोलीबारी के बाद कई जहाजों ने बदला रास्ता

    हालात इतने आसान नहीं थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम चार जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा। इनमें ‘सनमार हेराल्ड’, ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और मालवाहक जहाज ‘जग अर्नव’ शामिल हैं।

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    बताया गया है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गनबोट्स ने कुछ जहाजों के पास फायरिंग की। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए कई जहाजों ने पीछे हटने का फैसला लिया। कुछ मामलों में तो इराकी कच्चे तेल से भरे सुपरटैंकर तक को वापस लौटना पड़ा।

    ‘देश गरिमा’ ने कैसे बनाया रास्ता?

    ‘देश गरिमा’ भारतीय नौवहन निगम (SCI) का टैंकर है। यह मार्च से अब तक होर्मुज पार करने वाला 10वां भारतीय जहाज बन गया है। शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को इसने सफलतापूर्वक होर्मुज पार किया और अब ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ चुका है। यह जहाज कतर के रास लफान बंदरगाह से निकला था।

    फारस की खाड़ी में फंसे 14 भारतीय जहाज

    तनाव का असर भारत पर भी साफ दिख रहा है। फिलहाल फारस की खाड़ी में 14 भारतीय झंडे वाले जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से कुछ सरकारी कंपनी SCI के हैं, जबकि बाकी निजी कंपनियों के। लगातार बढ़ते खतरे के कारण शिपिंग कंपनियां अब हर कदम सोच-समझकर उठा रही हैं। एक छोटी सी गलती बड़े नुकसान में बदल सकती है।

     क्या हुआ था उस रात?

    ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ के अनुसार, ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 समुद्री मील दूर एक टैंकर ने खतरे का सिग्नल भेजा। उसने बताया कि ईरान की दो गनबोट्स ने उसके पास फायरिंग की। 

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    भारत ने दिखाया सख्त रुख

    इस घटना को भारत ने हल्के में नहीं लिया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत भारत में मौजूद ईरानी राजदूत से जवाब मांगा। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने साफ कहा कि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने ईरान से इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की।

    ईरान ने क्या जवाब दिया?

    ईरानी राजदूत ने भरोसा दिलाया कि भारत की चिंताओं को उनकी सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया है और आगे भी समाधान निकाला जाएगा।

    क्यों जरूरी है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। अगर यहां रुकावट आती है, तो इसका असर सीधे ग्लोबल तेल कीमतों पर पड़ता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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