मिडिल ईस्ट का माहौल इन दिनों बारूद से भरा है। इसी तनाव के बीच भारत का एक तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ ने वह कर दिखाया, जो हर किसी के बस की बात नहीं थी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील जलमार्ग को पार करना इस वक्त किसी जंग के मैदान से गुजरने जैसा है लेकिन यह जहाज बिना रुके आगे बढ़ गया। जहां एक ओर गोलियों की आवाज गूंज रही थी, वहीं ‘देश गरिमा’ ने अपनी दिशा नहीं बदली।
हालात इतने आसान नहीं थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम चार जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा। इनमें ‘सनमार हेराल्ड’, ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और मालवाहक जहाज ‘जग अर्नव’ शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: होर्मुज फिर बंद: ईरान ने लिया यू-टर्न, 24 घंटे तक भी नहीं खुल सका स्ट्रेट
बताया गया है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गनबोट्स ने कुछ जहाजों के पास फायरिंग की। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए कई जहाजों ने पीछे हटने का फैसला लिया। कुछ मामलों में तो इराकी कच्चे तेल से भरे सुपरटैंकर तक को वापस लौटना पड़ा।
‘देश गरिमा’ भारतीय नौवहन निगम (SCI) का टैंकर है। यह मार्च से अब तक होर्मुज पार करने वाला 10वां भारतीय जहाज बन गया है। शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को इसने सफलतापूर्वक होर्मुज पार किया और अब ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ चुका है। यह जहाज कतर के रास लफान बंदरगाह से निकला था।
तनाव का असर भारत पर भी साफ दिख रहा है। फिलहाल फारस की खाड़ी में 14 भारतीय झंडे वाले जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से कुछ सरकारी कंपनी SCI के हैं, जबकि बाकी निजी कंपनियों के। लगातार बढ़ते खतरे के कारण शिपिंग कंपनियां अब हर कदम सोच-समझकर उठा रही हैं। एक छोटी सी गलती बड़े नुकसान में बदल सकती है।
‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ के अनुसार, ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 समुद्री मील दूर एक टैंकर ने खतरे का सिग्नल भेजा। उसने बताया कि ईरान की दो गनबोट्स ने उसके पास फायरिंग की।
यह भी पढ़ें: Hormuz Strait: होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर फायरिंग, बढ़ा तनाव
इस घटना को भारत ने हल्के में नहीं लिया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत भारत में मौजूद ईरानी राजदूत से जवाब मांगा। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने साफ कहा कि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने ईरान से इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की।
ईरानी राजदूत ने भरोसा दिलाया कि भारत की चिंताओं को उनकी सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया है और आगे भी समाधान निकाला जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। अगर यहां रुकावट आती है, तो इसका असर सीधे ग्लोबल तेल कीमतों पर पड़ता है।