अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का अक्टूबर में भारत दौरा, जामनगर रिफाइनरी से क्या है कनेक्शन?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अक्टूबर में भारत और उज्बेकिस्तान के दौरे पर आएंगे। भारत में मुंबई और गुजरात के जामनगर में उनकी यात्रा खास मानी जा रही है। यहां रिलायंस इंडस्ट्रीज की विशाल तेल रिफाइनरी है। इस दौरे में भारत-अमेरिका के रिश्तों, ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का अक्टूबर में भारत दौरा, जामनगर रिफाइनरी से क्या है कनेक्शन?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के रिश्तों में ऊर्जा सहयोग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच उज्बेकिस्तान और भारत की यात्रा करेंगे। भारत में वह मुंबई और गुजरात के जामनगर जाएंगे। जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बड़ी तेल रिफाइनरी है, जो रोजाना करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को संसाधित कर सकती है। ऐसे में उनके दौरे को ऊर्जा और निवेश के नजरिए से अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के अधिकारी व्यापार बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे

जामनगर में ऐसा क्या है, जिस पर टिकी हैं नजरें?

गुजरात का जामनगर अपनी विशाल तेल रिफाइनरी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यहां रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनिंग परिसर है, जिसकी क्षमता रोजाना करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को संसाधित करने की है। रूबियो का यहां जाना इसलिए अहम है, क्योंकि उनकी यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में ऊर्जा सहयोग की संभावनाएं तलाशना शामिल है। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने जामनगर में होने वाली किसी खास बैठक या समझौते की जानकारी नहीं दी है।

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भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर क्या होगी बात?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रूबियो भारतीय अधिकारियों से मुलाकात कर दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसर भी बातचीत का हिस्सा होंगे। इसके अलावा, वह कारोबारी नेताओं से मिलकर व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के रास्ते तलाशेंगे। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

टेक्सास की रिफाइनरी परियोजना का भी है कनेक्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च में दावा किया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेश से अमेरिका के टेक्सास स्थित ब्राउन्सविले में नई रिफाइनरी बनाई जाएगी। उनके अनुसार, यह परियोजना करीब 300 अरब डॉलर की होगी। इस घोषणा के बाद भारत और अमेरिका के ऊर्जा संबंधों को लेकर चर्चा बढ़ी है। हालांकि, रूबियो के मौजूदा दौरे में इस परियोजना पर कोई नया समझौता होने की पुष्टि नहीं हुई है।

मई के बाद दूसरी बार भारत आएंगे रूबियो

मार्को रूबियो इससे पहले मई में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मेजबानी में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। अक्टूबर का दौरा इस साल उनकी दूसरी भारत यात्रा होगी। इस बार ऊर्जा और कारोबारी सहयोग पर खास जोर रहने की संभावना है।

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भारत से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री

भारत आने से पहले रूबियो उज्बेकिस्तान के समरकंद में सी5+1 मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होंगे। इस मंच पर अमेरिका और मध्य एशिया के पांच देशों के बीच सहयोग पर चर्चा होगी। इनमें उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और किर्गिज गणराज्य शामिल हैं। 

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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