589 दिन, 126 तारीखें और अब सजा की बारी! नीला ड्रम केस में आज फैसला, मुस्कान-साहिल की बढ़ी बेचैनी

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार को जिला अदालत में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला की सजा पर फैसला होना है। इस मामले में 30 सितंबर को अदालत दोनों को दोषी करार दे चुकी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत उन्हें क्या सजा सुनाती है। सौरभ की मां और भाई ने दोनों के लिए फांसी की मांग की है। वहीं, जेल प्रशासन के अनुसार, फैसले से पहले दोनों आरोपी काफी शांत हैं और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव
मेरठ का यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। पुलिस के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े करके उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। इस घटना ने पूरे देश को हैरान कर दिया था। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया और मामले में सबूत जुटाकर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
126 तारीखों के बाद आया फैसला
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 126 तारीखें पड़ीं। अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य सबूत पेश किए। लंबी सुनवाई के बाद 30 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में दोषी माना। अदालत ने दोनों को सजा पर अपना पक्ष रखने का मौका भी दिया था। अब सजा के ऐलान के साथ मामले की सुनवाई का यह अहम चरण पूरा होने की उम्मीद है।
हत्या के बाद हिमाचल गए थे दोनों
पुलिस की जांच के मुताबिक, सौरभ की हत्या 3 मार्च 2025 की रात की गई थी। आरोप है कि वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। दोनों के 17 मार्च को वापस लौटने के बाद 18 मार्च को मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर अदालत में मुकदमा चलाया गया।
सौरभ के परिवार को फैसले का इंतजार
सौरभ की मां रेणु और भाई बबलू को अदालत से कड़ी सजा मिलने की उम्मीद है। परिवार का कहना है कि इस मामले में दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने दोनों के लिए फांसी की मांग की है। परिवार के वकील ने भी अपराध की गंभीरता को देखते हुए कड़ी सजा देने की अपील की है। अब अदालत के फैसले से यह साफ होगा कि दोषियों को कानून के तहत कौन-सी सजा मिलती है।
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जेल में दोनों की निगरानी बढ़ाई गई
फैसले से पहले मुस्कान और साहिल काफी शांत हैं। जेल प्रशासन ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों ने खाना-पीना भी कम कर दिया है। अदालत का फैसला आने के बाद इस चर्चित मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।




















