सऊदी अरामको हेडक्वार्टर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला, दहरान में आग लगी, रियाद में 4 घायल

जेद्दाह। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दहरान में सऊदी अरामको की एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग पर मिसाइल से हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब देश को हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक नई लहर का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं, सऊदी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने देश के कई हिस्सों को निशाना बनाने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को रोक दिया था। कंपनी के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि एक बैलिस्टिक मिसाइल अरामको हेडक्वार्टर कॉम्प्लेक्स से टकराई। इससे एक ऑफिस टावर की ऊपरी तीन मंजिलों को नुकसान पहुंचा। इस कॉम्प्लेक्स में एक बड़ा ऑपरेशन सेंटर है जो सरकारी तेल कंपनी के ऑनशोर और ऑफशोर ऑयल रिग्स, पाइपलाइनों, रिफाइनरियों और एक्सपोर्ट टर्मिनलों के नेटवर्क की देखरेख करता है।
मिसाइल के टुकड़ों से लोग हुए घायल
ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि अधिकारियों ने घटना पर कार्रवाई की और जरूरी कदम उठाए। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने दहरान के ऊपर एक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया, जिसके टुकड़े एक रिहायशी इलाके में गिरे। अधिकारियों ने राजधानी रियाद और सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके को निशाना बनाने वाली मिसाइलों और ड्रोन्स को रोकने और नष्ट करने की भी जानकारी दी। सऊदी सिविल डिफेंस ने बुधवार को बताया कि रियाद में रोकी गई दो हूती मिसाइलों के टुकड़े राजधानी में गिरने से चार लोग घायल हो गए। घायलों में दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल है। सिविल डिफेंस के प्रवक्ता ने कहा कि मलबे से 15 घरों को भी थोड़ा नुकसान पहुंचा। ये हालिया हमले पिछले एक हफ्ते में सऊदी ठिकानों पर हूती हमलों की एक श्रृंखला का हिस्सा हैं। रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चार हमले हुए हैं, जिनमें शनिवार को हुआ बैलिस्टिक मिसाइल हमला भी शामिल है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी।
इससे पहले हुए हमले में 13 लोगों की मौत हुई
यमन के हूती विद्रोहियों के पहले हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करने की क्षमता पर चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
रक्षा पर 83 अरब डॉलर का खर्च भी नहीं रोक पा रहा हमले
फोर्ब्स के विश्लेषण के अनुसार, 2025 में रक्षा पर लगभग 83 अरब डॉलर खर्च करने के बावजूद सऊदी अरब हूती विद्रोहियों को रोकने में संघर्ष कर रहा है। सऊदी अरब के सैन्य हथियारों में F-15 फाइटर जेट, यूरोफाइटर टाइफून और एडवांस्ड पैट्रियट और THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। हालांकि, हूती हमलों को बार-बार रोकने में उसकी मुश्किल यह दिखाती है कि अत्याधुनिक सैन्य हार्डवेयर होने और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के बीच एक अंतर है। हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइलों और ड्रोनों के इस्तेमाल से यह चुनौती और बढ़ गई है, क्योंकि इससे सऊदी अरब को तुलनात्मक रूप से सस्ते हथियारों को रोकने के लिए महंगे इंटरसेप्शन सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।




















