डिप्टी सीएम के ओएसडी का केस- आबकारी उपायुक्त प्रमोद झा पर पहले से आरोप, उन्हीं से कराई दीपम रायचुरा की जांच

ग्वालियर। भले ही फर्जी एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट) और अमान्य बैंक गारंटी के आधार पर शराब दुकानों के ठेके स्वीकृत करने के मामले में आरोप सिद्ध होने पर जिला आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा का निलंबन कर दिया गया हो, लेकिन आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना द्वारा कई आरोपों के घेरे में रहने वाले उपायुक्त प्रमोद झा को जांच अधिकारी बनाना सवालों के घेरे में है। साथ ही जांच की जिम्मेदारी प्रमोद झा को ही सौंपे जाने पर सवाल उठ रहे हैं कि पहले से विभागीय जांच व अन्य मामलों में आरोपों में घिरे अधिकारी से दूसरे आरोपी अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कैसे संभव है।
आयुक्त ने रायचुरा को सस्पेंड कर ग्वालियर अटैच किया
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने जांच रिपोर्ट आने के बाद 12 अक्टूबर को जारी आदेश में दीपक रायचुरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। आरोप है कि भोपाल में शराब दुकानों के ठेके की प्रक्रिया के दौरान 2.75 करोड़ से अधिक की ऐसी ई-एफडीआर स्वीकार की गई, जिसे संबंधित बैंक ने जारी करने से इनकार किया। इसके अलावा प्रतिभूति जमा करने में देरी, गैर-भागीदार के दस्तावेज स्वीकार करने और नियम विरुद्ध फर्म हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।
जांच में सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं
विभागीय जांच में दीपक रायचुरा पर 2.75 करोड़ की एफडीआर के बैंक ने दस्तावेज जारी करने से इनकार करने, अमान्य बैंक प्रतिभूति नियमों के विपरीत बैंक की प्रतिभूति स्वीकारने, 22 दिन की समय सीमा पर प्रतिभूति जमा नहीं होने पर कार्रवाई नहीं करने, वैध साझेदारी दस्तावेज के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आरोप को सिद्ध पाने पर निलंबित किया गया है। इस बारे में आयुक्त दीपक सक्सेना से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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प्रमोद कुमार झा पर लगाए गए आरोप एवं जांच के मुद्दे
- उज्जैन शराब ठेके वर्ष (2015–16) में लाइसेंस फीस बकाया होने के बावजूद लाइसेंस निरस्त नहीं किए जाने का आरोप है। इससे लगभग 4.60 करोड़ के राजस्व नुकसान का दावा है।
- 07 करोड़ के नुकसान की शिकायत (2014–16): कृष्णा वाजपेयी की शिकायत का उल्लेख है। इसमें ठेकेदार से बकाया फीस नहीं वसूलने और राजस्व नुकसान होने के आरोप बताए गए हैं।
- प्रयागराज में प्लॉट खरीद (2024): लगभग 2.13 करोड़ के प्लॉट की खरीद के आरोप में लगभग 1.50 करोड़ का होम लोन लेने की बात कही गई है।
- विभागीय जांच के आदेशों, शिकायतों, पत्राचार और संबंधित रिकॉर्ड की स्थिति को जांच का विषय बताया गया है।
- आय की तुलना में अधिक संपत्ति होने के आरोपों तथा संपत्ति के स्रोतों की जांच की मांग शिकायतों में की गई है।
- पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों से जुड़े सवालों तथा लंबित शिकायतों के मामले में विवादित बताया गया है।
- विधानसभा रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों और अन्य विभागीय या मीडिया रिकॉर्ड में कई विवादों में होने की बात सामने आई है।
- उज्जैन के शराब ठेका मामले में प्रमोद कुमार झा और ठेकेदार पवन जायसवाल के विरुद्ध लोकायुक्त द्वारा प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू होने की खबर है।




















