सड़क से संसद तक बवाल: इंडिया गठबंधन की चाय पार्टी, राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना विपक्ष का मिशन है और इसमें चाहे एक दिन लगे, एक साल या दो साल, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगा। आठ दिन में विपक्षी नेताओं की यह छठी बैठक थी, जिसमें कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
'ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन'
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना विपक्ष का मिशन है। इसमें जितना भी समय लगे, विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन एक दिन, एक साल या दो साल तक भी चलाना पड़े, तो भी उनका संघर्ष जारी रहेगा और विपक्ष अपने लक्ष्य तक पहुंचकर रहेगा।
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आठ दिन में विपक्ष की छठी बैठक
राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में सुप्रिया सुले, डी. राजा, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत INDIA ब्लॉक के कई नेता शामिल हुए। आठ दिन के भीतर विपक्षी नेताओं की यह छठी बैठक थी। बैठक के बाद सभी नेता एक साथ बाहर आए और मीडिया के सामने अपनी बात रखी।
भाजपा पर लोकतंत्र छीनने का आरोप
CPI(M) नेता एमए बेबी ने भाजपा पर वोट, विरोध प्रदर्शन की जगह और लोकतंत्र छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय कर लिया है कि जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए नहीं किया जा सकता। विपक्ष सरकार की इस सोच को चुनौती देगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
संविधान को नुकसान पहुंचाने वालों को जवाब देने की बात
विपक्षी नेताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और अन्य लोगों को समझना होगा कि संविधान को नुकसान पहुंचाकर बच निकलना आसान नहीं होगा। ऐसे लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है, चुनावी व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया गया है और संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने तक संघर्ष
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की यह लड़ाई किसी नेता या पार्टी के लिए नहीं, बल्कि भारत के लोगों और उनके भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि सभी नेता मिलकर देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक लड़ेंगे। कोई संस्था अपनी भूमिका निभाए या न निभाए, राजनीतिक विरोध और जनता का संघर्ष जारी रहेगा। राहुल ने कहा कि जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ आंदोलन किया गया है, उसी भावना के साथ आगे भी लड़ाई जारी रहेगी और अंत में जनता की जीत होगी।




















