भोपाल में कार्बाइड गन पर पूरी तरह रोक, खरीद-बिक्री और भंडारण पर भी प्रतिबंध

भोपाल जिले में अब कार्बाइड तोप, कार्बाइड लैंप और कार्बाइड गन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों में इन उपकरणों के उपयोग, खरीद-बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर रोक लगा दी है। इससे पहले भोपाल शहर में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर चुके हैं। अब कलेक्टर के आदेश के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर रोक लागू होगी।
मंत्री विश्वास सारंग ने पूरे प्रदेश में प्रतिबंध की मांग की
भोपाल में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी होने के बीच मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को पत्र लिखकर पूरे मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। मंत्री सारंग ने कहा कि पहले भी कार्बाइड गन के कारण कई लोगों को शारीरिक नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके इस्तेमाल से आंखों पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ये गन बाजार और ऑनलाइन माध्यमों से बिक रही हैं। इसलिए इनकी बिक्री किसी भी माध्यम से नहीं होनी चाहिए और इस पर रोक लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
तेज धमाके से आंखों और कानों को गंभीर नुकसान का खतरा
कलेक्टर के आदेश में कार्बाइड गन के इस्तेमाल को खतरनाक बताया गया है। इसके तेज धमाके से कान के पर्दे फटने, आंखों की रोशनी प्रभावित होने और चेहरे या शरीर पर गंभीर जलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इससे मानव जीवन, शारीरिक सुरक्षा और लोकशांति को खतरा पैदा होने की आशंका है। आदेश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों की वजह बन सकता है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश
कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके अंतर्गत कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप के उपयोग के साथ उनकी खरीद-बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर रोक लगाई गई है। आदेश में कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग को भी नियंत्रित किया गया है। इसका विक्रय केवल वैध कृषि और औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। अन्य उद्देश्यों के लिए इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।
दुकानदारों को रखना होगा खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड
आदेश के अनुसार कैल्शियम कार्बाइड बेचने वाले दुकानदारों को इसकी खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।




















