राजगढ़: लिम्बोदा में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का भव्य स्वागत, कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं हुईं शामिल

राजगढ़। श्रद्धा, उत्साह और आत्मीयता के साथ हुए इस स्वागत में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कलश यात्रा के बाद गांव में विशाल सभा आयोजित हुई, जिसमें दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरी और वोट चोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। यात्रा के जरिए सनातन धर्म के मूल संदेश के साथ पारदर्शिता, नागरिक अधिकारों और सामाजिक सद्भाव से जुड़े मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।
लिम्बोदा में महिलाओं ने निकाली मंगल कलश यात्रा
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के लिम्बोदा पहुंचने पर मातृशक्ति ने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा की अगवानी की। महिलाओं की बड़ी भागीदारी और ग्रामीणों के उत्साह से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान लोगों ने पुष्पवर्षा कर दिग्विजय सिंह का स्वागत किया और सभा में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
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सनातन धर्म के मूल संदेश पर दिया जोर
दिग्विजय सिंह सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के माध्यम से लगातार सनातन धर्म के मूल संदेश को सामने रख रहे हैं। उनका कहना है कि सनातन धर्म का मूल उद्देश्य प्रेम, सत्य, सद्भाव, करुणा और दया है। सभी धर्मों का सम्मान करना और समाज में भाईचारे की भावना बनाए रखना जरूरी है।

धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का किया विरोध
दिग्विजय सिंह के मुताबिक, धर्म के नाम पर नफरत और कटुता फैलाना सनातन धर्म की मूल भावना के विपरीत है। धर्म लोगों को जोड़ता है, जबकि धर्मांधता समाज में नफरत और वैमनस्य पैदा करती है। यात्रा के जरिए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है।

चंदा चोरी और वोट चोरी पर कार्रवाई की मांग
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा धार्मिक आस्था के साथ पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों से जुड़े सवाल भी उठा रही है। दिग्विजय सिंह राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और सोने-चांदी की ईंटों का हिसाब सार्वजनिक करने और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों पर आवाज उठाते हुए संविधान की भावना और सामाजिक सद्भाव की रक्षा पर भी जोर दिया।
खुजनेर से शुरू हुई पदयात्रा
गुरुवार सुबह खुजनेर से शुरू हुई पदयात्रा चौड़ापुरा, मवासा जोड़ और खीमाखेड़ी होते हुए लिम्बोदा पहुंची। यहां मातृशक्ति की मंगल कलश यात्रा और ग्रामीणों के स्वागत के बाद यात्रा के पहले सत्र का विराम हुआ। दोपहर में भोजन और विश्राम के बाद पदयात्रा चाटूखेड़ा, कल्पोनी और चौंसला जोड़ होते हुए आगे बढ़ेगी, जबकि रात्रि विश्राम ग्राम करेड़ी स्थित श्री मनकामनेश्वर परिसर में निर्धारित है।




















