सोहागपुर: काव्य गोष्ठी का आयोजन, व्यंग्य गीत कविताओं ने समां बांधा

सोहागपुर। काव्य गोष्ठी में किसानों का आंदोलन, नीट परीक्षा और पेपर लीक मामला, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की गईं। मां, नारी, बेटियों, हास्य, श्रृंगार और करुण रस से सराबोर प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं को भावविभोर किया। गीत, गज़ल, शेर-ओ-शायरी और व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने देर रात तक समां बांधे रखा। कार्यक्रम में अलग-अलग शहरों से आए कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
देशभक्ति,किसान पर कवियों ने सुनाई रचनाएं
कृतिका दुबे 'कनक' ने किसानों की पीड़ा पर आधारित मार्मिक रचना प्रस्तुत की, जबकि गीतकार पं. शैलेंद्र शर्मा ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत सुनाकर वातावरण में राष्ट्रभावना का संचार किया। प्रबुद्ध दुबे ने पेपर लीक से निराश विद्यार्थियों की पीड़ा को करुण रस में व्यक्त कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। रवि नागेश ने बेटियों की महत्ता और कौमी एकता पर आधारित गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
व्यंग्य और गजलों ने बांधा समां
वरिष्ठ शायर जलज शर्मा ने अपनी गज़ल में व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष किया। श्वेतल दुबे ने नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर रचना प्रस्तुत की। निशिगंधा साहित्य संगम के अध्यक्ष अमित गोलछा ने संघर्ष और जीवन-संघर्ष पर आधारित रचनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन कर रहे सौरभ सोनी ने अपने गीत से वातावरण को मधुर बनाया, वहीं व्यंग्यकार मनोज साहू ने अपनी चर्चित व्यंग्य रचना से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
लोकतंत्र, मोहब्बत और जीवन संघर्ष की अभिव्यक्ति
भोपाल से आए मंसूर खान ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यंग्य प्रस्तुत किया। नसीर खान ने गीत, माखन मीणा ने जीवन संघर्ष पर आधारित रचना और कौशर खान ने मोहब्बत और तहजीब पर केंद्रित अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। समोन के अरविंद दुबे ने ग़ज़ल सुनाई, जबकि महेश सोनी ने श्रृंगार रस से भरपूर गीत प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं।
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कवियों और साहित्य प्रेमियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर बुद्धि प्रकाश शर्मा, विवान दुबे सहित सोहागपुर और माखननगर के कई कवि, साहित्यकार और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। गोष्ठी में ब्रजेश त्रिवेदी, अशोक प्रजापति सहित अन्य रचनाकारों ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम के आखिर में निशिगंधा परिवार की ओर से ब्रजेश त्रिवेदी (बागरा) ने सभी कवियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। साहित्यिक वातावरण के बीच संपन्न हुई इस गोष्ठी ने देर रात तक श्रोताओं को अपनी रचनाओं से जोड़े रखा।
Edited By: Rohit Sharma












