महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी का देश को संबोधन:माताओं-बहनों से मांगी माफी, कहा-विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों को कुचला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को करीब 30 मिनट संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर अपनी बात रखी।
माताओं-बहनों से मांगी माफी, कहा-विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों को कुचला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को करीब 30 मिनट संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिल में संशोधन नहीं हो सका इसके लिए वे देश की माताओं-बहनों से माफी मांगते हैं। पीएम ने कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के लिए दलहित देशहित से बड़ा हो गया है जिसका खामियाजा नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

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विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को रोका

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा जैसे दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी राजनीति के कारण महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह प्रस्ताव गिरा तब कुछ विपक्षी दलों ने खुशी जताई जो देश की महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।

नारी अपमान नहीं भूलती

पीएम मोदी ने कहा कि संसद में जो हुआ वह सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं थी बल्कि नारी सम्मान पर चोट थी। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस घटना को याद रखेंगी और समय आने पर इसका जवाब देंगी।

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बिल के पक्ष में पड़े थे 298 वोट 

लोकसभा में पेश संविधान (131वां संशोधन) बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया था। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े जबकि विरोध में 230 वोट मिले। हालांकि इसे पास होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी जो पूरी नहीं हो सकी और बिल गिर गया।

परिवारवाद की राजनीति बनी बाधा

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई दल महिलाओं के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव से असहज हैं और इसी वजह से उन्होंने इस बिल का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन को बहाना बनाकर विपक्ष भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

देश की नारी सब देख रही है

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी की नारी जागरूक है और हर राजनीतिक घटना पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं के अधिकारों में बाधा बन रहे हैं उन्हें इसका जवाब जरूर मिलेगा।

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कई बहानों से रोका गया बिल

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष लंबे समय से तकनीकी कारणों और कुतर्कों के जरिए महिलाओं के अधिकारों को टालता रहा है। उन्होंने इसे राजनीति का खराब पैटर्न बताते हुए कहा कि देश अब इस रवैये को समझ चुका है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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