महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर:शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए उद्धव के 6 सांसद, शिंदे बोले-छह शेर हमारे यहां आ गए हैं

मुंबई। नंदनवन बंगले पर हुई बैठक के बाद सांसदों ने आधिकारिक रूप से शिंदे गुट का दामन थाम लिया। इस बदलाव से लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़ गई है। वहीं उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगियों ने इस कदम को लेकर नाराजगी जताई है।
नंदनवन में बैठक के बाद हुआ ऐलान
सोमवार को बागी सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके नंदनवन बंगले पर मुलाकात की। बैठक के बाद सभी सांसदों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी दौरान उन्होंने शिंदे गुट में शामिल होने की घोषणा की। इस फैसले को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
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2022 के बाद दूसरी बार टूटी शिवसेना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एकनाथ शिंदे ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरू हुआ राजनीतिक आंदोलन अब नए चरण में पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी लड़ाई बालासाहेब ठाकरे के विचारों और मूल शिवसेना की पहचान को बनाए रखने के लिए है। शिंदे ने नए सांसदों के शामिल होने को उसी अभियान का विस्तार बताया।
लोकसभा में बढ़ी शिंदे गुट की ताकत
छह सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे गुट के पास अब केवल तीन सांसद बचे हैं। वर्ष 2022 के बाद यह दूसरा बड़ा अवसर है, जब शिवसेना में महत्वपूर्ण स्तर पर टूट देखने को मिली है।
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आदित्य ठाकरे ने जताई नाराजगी
सांसदों के दल-बदल पर आदित्य ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वालों ने अपनी राजनीतिक निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच उद्धव ठाकरे ने भी अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। पार्टी आगामी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है।












