पुणे। महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का हेलिकॉप्टर तय हेलीपैड की बजाय पार्किंग एरिया में उतर गया। यह घटना शनिवार सुबह पुणे जिले के पुरंदर इलाके में हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और हवाई उड़ानों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन इस चूक को गंभीर माना जा रहा है और जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, मंत्री छगन भुजबल एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नासिक से पुणे के पुरंदर तालुका के खानवाड़ी गांव जा रहे थे। कार्यक्रम के लिए पहले से हेलीपैड तैयार किया गया था और क्रू मेंबर्स को इसकी जानकारी भी दी गई थी। इसके बावजूद पायलट ने हेलीपैड को मिस कर दिया और हेलिकॉप्टर को करीब एक किलोमीटर दूर स्थित पार्किंग एरिया में उतार दिया। अचानक हुई इस लैंडिंग से मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हेलिकॉप्टर को पार्किंग एरिया में उतरते देखा जा सकता है। वहां पहले से कई गाड़ियां खड़ी थीं और उसी के सामने हेलिकॉप्टर की लैंडिंग की गई। लैंडिंग के दौरान तेज हवा के साथ धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया, जिससे आसपास का इलाका कुछ समय के लिए धुंधला हो गया।
इस दौरान गाड़ियों के पास ही हेलिकॉप्टर उतारा गया, धूल के कारण विजिबिलिटी कम हो गई। आसपास मौजूद लोग घबराकर पीछे हटते नजर आए। हालांकि, पायलट ने स्थिति संभालते हुए हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना की एक बड़ी वजह ‘ब्राउनआउट इफेक्ट’ बताई जा रही है। यह ऐसी स्थिति होती है जब हेलिकॉप्टर के रोटर जमीन की धूल और मलबे को तेजी से हवा में उड़ा देते हैं, जिससे पायलट की नजर लगभग बंद हो जाती है। ऐसे में पायलट को लैंडिंग एरिया स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता और वह सही स्थान पहचानने में चूक सकता है। माना जा रहा है कि इसी वजह से हेलिकॉप्टर हेलीपैड से भटककर पास की पार्किंग में उतर गया।
घटना के बाद मंत्री छगन भुजबल ने साफ किया कि पायलट ने गलत जगह पर लैंडिंग की। उन्होंने कहा कि सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने इसे पायलट की गलती बताया, लेकिन किसी तरह की घबराहट से इनकार किया। फिलहाल पायलट, क्रू मेंबर या हेलिकॉप्टर ऑपरेट करने वाली कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह चूक कैसे हुई और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है।
संभावित जांच बिंदु-
पुणे ग्रामीण पुलिस ने भी कहा है कि, इस मामले की रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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हेलिकॉप्टर लैंडिंग के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। किसी भी विशेष कार्यक्रम या वीआईपी मूवमेंट के दौरान हेलीपैड पहले से तैयार किया जाता है और क्रू को इसकी पूरी जानकारी दी जाती है।
नियमों के तहत-
पुणे पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हेलीपैड तैयार था और क्रू को जानकारी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया।
इस घटना ने लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि कुछ ही महीने पहले महाराष्ट्र में एक बड़ा विमान हादसा हो चुका है। 28 जनवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर विमान बारामती में क्रैश हो गया था, जिसमें उनकी और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस हादसे में भी लैंडिंग के दौरान पायलट को रनवे साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इस वजह से विमान नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटना हो गई। ऐसे में हालिया हेलिकॉप्टर घटना ने सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद हवाई सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर वीआईपी मूवमेंट के दौरान इस तरह की चूक को बेहद गंभीर माना जाता है।
लैंडिंग से पहले विजिबिलिटी का आकलन बेहद जरूरी है, पायलट को जोखिम की स्थिति में लैंडिंग टालनी चाहिए। सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन अनिवार्य है। यह घटना एक चेतावनी की तरह देखी जा रही है कि छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।