महादेव सट्टा एप पर दीपक बैज का बड़ा हमला, बोले-PMO तक जुड़े हैं तार, रवि उप्पल और शुभम सोनी को भारत कब लाएगी सरकार?

रायपुर: महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि महादेव सट्टा एप के तार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक जुड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भी रवि उप्पल और शुभम सोनी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? दोनों को भारत और रायपुर कब लाया जाएगा? बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान महादेव सट्टा एप को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस मामले में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रेसवार्ता में दीपक बैज ने कहा कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप का मामला केवल ऑनलाइन जुए तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े आर्थिक और राजनीतिक नेटवर्क की जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा के नेताओं ने शुभम सोनी के वीडियो और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगाए गए आरोपों को लेकर लगातार बयानबाजी की थी।बैज ने सवाल किया कि चुनाव के दौरान इस मामले को लेकर मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक सक्रिय नजर आए, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कार्रवाई की रफ्तार क्यों धीमी पड़ गई? अब जबकि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी हो चुकी है, तो बाकी आरोपियों को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है?
कांग्रेस सरकार में दर्ज हुई थीं 72 से ज्यादा FIR
दीपक बैज ने दावा किया कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही हो गई थी। उन्होंने बताया कि उस समय इस मामले में 72 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि महादेव एप को गूगल से हटाने की कार्रवाई और आरोपी रवि उप्पल के खिलाफ सर्कुलर जारी कराने की पहल भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान की गई थी। बैज ने कहा कि मौजूदा सरकार अब तक जिन कार्रवाइयों का हवाला दे रही है, उनका आधार भी कांग्रेस सरकार के समय दर्ज मामले हैं।
तीन साल में महादेव एप बंद कराने क्या किया?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा सरकार से पिछले तीन वर्षों के कामकाज का हिसाब मांगते हुए पूछा कि महादेव सट्टा एप को पूरी तरह बंद कराने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कितनी नई एफआईआर दर्ज हुईं? प्रधानमंत्री कार्यालय को कितनी बार पत्र लिखा गया? ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की गई? रवि उप्पल और शुभम सोनी को भारत लाने के लिए क्या प्रयास किए गए? बैज ने आरोप लगाया कि महादेव एप के नाम पर कार्रवाई के दावों के बावजूद सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से सट्टेबाजी का कारोबार जारी है।
महादेव के अलावा कई ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म का किया जिक्र
दीपक बैज ने महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के अलावा महाकाल बुक, जन्नत बुक, राजवीर ऑनलाइन, लोटस 365, अलीबाबा बुक, खेलों यार, लायल बुक और डायवर्ड एक्स डॉट कॉम जैसे प्लेटफॉर्म का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी का कारोबार लगातार फैल रहा है। सरकार के संरक्षण में ऐसे नेटवर्क फल-फूल रहे हैं और इन गतिविधियों के जरिए आर्थिक लेनदेन किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर उन्होंने कोई न्यायिक निष्कर्ष या प्रमाण प्रेसवार्ता में प्रस्तुत नहीं किया।
PMO तक कनेक्शन का आरोप, दिल्ली पहुंच रहा पैसा?
प्रेसवार्ता में बैज ने महादेव सट्टा एप के कथित नेटवर्क को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े कुछ पहलुओं की जांच केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दायरे में भी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महादेव सट्टेबाजी से मिलने वाला पैसा भाजपा के एक विधायक के माध्यम से दिल्ली तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही उन्होंने ललित मोदी और हिरव मोदी को भारत वापस लाने के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल किए। बैज ने कहा कि जब ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े इतने गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्रीय स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
प्रदीप मिश्रा, PMO अधिकारी और विकास गर्ग से एक साथ पूछताछ की मांग
महादेव सट्टा एप मामले में दीपक बैज ने कथा वाचक प्रदीप मिश्रा, प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों और विकास गर्ग को एक साथ बैठाकर पूछताछ करने की मांग की।प्रेसवार्ता के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या कथा वाचक प्रदीप मिश्रा से भी पूछताछ होनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि प्रदीप मिश्रा, PMO के अधिकारी और विकास गर्ग को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार जांच के दायरे में PMO के अधिकारियों को शामिल करने की मांग करेगी? साथ ही भाजपा के किन नेताओं का कथित तौर पर इस मामले से संबंध है और आरोपियों को किसका संरक्षण मिला हुआ है, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
संबंधित खबर: महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार, ओमान से भारत लाते ही CBI की हिरासत में, रायपुर लाने की तैयारी
'दाल में कुछ काला तो है', बैज ने उठाए जांच पर सवाल
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए महादेव सट्टा एप मामले को अलग दिशा में ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह PMO के अधिकारियों से पूछताछ की मांग करेगी और क्या रवि उप्पल तथा शुभम सोनी को भारत लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। बैज ने अंत में कहा कि महादेव सट्टा एप मामले में जिस तरह के सवाल सामने आ रहे हैं, उनसे संदेह पैदा होता है। पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'दाल में कुछ काला तो है।'




















