रायसेन हाईवे पर भीषण हादसा!आमने सामने टकराईं दो बसें, 5 की मौत 24 से ज्यादा घायल

रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बड़ा सड़क हादसा हो गया। रायसेन-भोपाल मार्ग पर दो यात्री बसों की आमने सामने टक्कर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बसों के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बिलखिरिया के पास हुआ बड़ा हादसा
दुर्घटना रायसेन-भोपाल मार्ग पर बिलखिरिया के पास हुई। एक बस रायसेन से भोपाल की ओर जा रही थी जबकि दूसरी बस भोपाल से सागर जिले की ओर जा रही थी। सुबह के समय दोनों बसें आमने सामने आ गईं और टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक बस नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे बनी पुलिया से जा टकराई।
यात्रियों में मची अफरा तफरी
दुर्घटना के तुरंत बाद बसों में बैठे यात्रियों के बीच अफरा तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अपनी सीटों पर फंस गए, जबकि कुछ यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद दोनों बसों के यात्रियों में दहशत फैल गई और मदद के लिए आवाजें सुनाई देने लगीं।
खिड़की के पास बैठे यात्रियों को नुकसान
बसों की टक्कर का सबसे अधिक असर खिड़की के पास बैठे यात्रियों पर पड़ा। टक्कर के दौरान बसों के किनारे एक दूसरे से टकराए, जिससे कई यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई घायल यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है।
पुलिस और प्रशासन की टीम
हादसे की सूचना मिलते ही रायसेन और भोपाल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। बसों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए काफी प्रयास किए गए। प्रशासन की ओर से एम्बुलेंस की व्यवस्था कर घायलों को अलग अलग अस्पतालों में भेजा गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की।
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अस्पतालों में जारी है इलाज
घायलों को नजदीकी अस्पतालों और जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। कई यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है ताकि घायलों को समय पर इलाज मिल सके। प्रशासन लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।











