पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीएम मोहन यादव को सौंपा ज्ञापन

पांढुर्णा। ज्ञापन में सोयाबीन, कपास, मक्का और तुअर की फसलें चौपट होने और किसानों के सामने कर्ज, पीने के पानी और पशु चारे के संकट की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजा, फसल बीमा राशि, राहत राशि और कृषि ऋण माफ या स्थगित करने की मांग रखी।
कम बारिश से फसलें चौपट होने का हवाला
जिला कांग्रेस कमेटी पांढुर्णा के तत्वावधान में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि इस वर्ष जिले में अत्यंत अल्पवर्षा हुई है। इसके कारण सोयाबीन, कपास, मक्का, तुअर आदि खरीफ की फसलें पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं और किसान कर्ज में डूब गया है।
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पीने के पानी और पशु चारे का भी संकट
ज्ञापन में कहा गया कि फसलों के खराब होने के साथ ही जिले में पीने के पानी और पशु चारे का भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने इन परिस्थितियों को देखते हुए पांढुर्णा जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।
गिरदावरी और मुआवजे की मांग
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने फसलों के नुकसान का सर्वे यानी गिरदावरी कराने की मांग की। साथ ही प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा, फसल बीमा राशि और राहत राशि प्रदान करने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी।
कृषि ऋण माफ या स्थगित करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की स्थिति को देखते हुए कृषि ऋण माफ या स्थगित करने की मांग भी की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि शासन इस विषय को गंभीरता से लेकर जल्द उचित कार्रवाई करेगा।
कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जतन उईके, सौंसर विधायक विजय चौरे, पांढुर्णा विधायक नीलेश उईके, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विलास धोटे, बड़चिचोली ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत महाजन, नगर कांग्रेस अध्यक्ष जयंत घोड़े और सोशल मीडिया जिला अध्यक्ष देवकांत मांडोगड सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।




















