'सुरक्षित बचपन ही हमारा सुरक्षित भविष्य', न्यायाधीश सरोज डेहरिया ने बच्चों को बताए उनके कानूनी अधिकार

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में सोमवार को बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। बानापुरा के रेवांचल हाईस्कूल में आयोजित शिविर में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सरोज डेहरिया ने विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, ऑनलाइन सुरक्षा, बाल विवाह और बाल श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
'सुरक्षित बचपन ही हमारा सुरक्षित भविष्य'
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर 2 नवंबर 2026 को आयोजित इस शिविर में न्यायाधीश सरोज डेहरिया ने कहा कि बचपन में सीखी गई बातें जीवनभर याद रहती हैं। आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं, इसलिए उनका बचपन सुरक्षित रहना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया। साथ ही कहा कि यदि कोई उनके साथ गलत व्यवहार या अनुचित स्पर्श करता है तो बिना डरे इसकी जानकारी माता-पिता या शिक्षकों को दें।
मोबाइल और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर किया जागरूक
न्यायाधीश ने बच्चों को मोबाइल के सीमित इस्तेमाल की सलाह दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना जरूरी है। शिविर में विद्यार्थियों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई।
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बाल विवाह और बाल मजदूरी अपराध
शिविर में बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में बताते हुए न्यायाधीश ने कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम कानूनन अपराध हैं। किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों और भारतीय कानून व्यवस्था की जानकारी भी दी।
अच्छे प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र कुमार रनसुर्मा, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



















