PU Special :मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का बनेगा एकीकृत मास्टर प्लान, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं; बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

अशोक गौतम,भोपाल। मप्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार ने इनके समग्र विकास के लिए एक व्यापक 'मास्टर प्लान' तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक और ओंकारेश्वर समेत प्रदेश के तमाम बड़े धार्मिक क्षेत्रों में सड़क, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता और ठहरने की बेहतर व्यवस्था का एक एकीकृत खाका तैयार किया जा रहा है।
धार्मिक स्थलों के विकास के लिए समन्वय के निर्देश
जानकारी के अनुसार, धार्मिक स्थलों के इस समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन, निगम प्रशासन और स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (साडा) के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्ययोजना तैयार करने के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टर्स की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना में ओंकारेश्वर और अन्य धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ नर्मदा परिक्रमा मार्ग के दोनों ओर के विकास कार्यों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।
एक नजर में: मास्टर प्लान के मुख्य बिंदु
प्रमुख स्थल शामिल: महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन), ओंकारेश्वर, मां शारदा लोक (मैहर), चित्रकूट, अमरकंटक, विजयासन धाम (सलकनपुर), पीतांबरा पीठ (दतिया), रामराजा मंदिर (ओरछा), शिव मंदिर (भोजपुर) और महेश्वर।
बुनियादी सुविधाओं का विस्तार: पहुंच मार्गों का चौड़ीकरण, नई बसाहट, आधुनिक पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते।
स्वच्छता व स्वास्थ्य: पेयजल, आधुनिक शौचालय, नियमित साफ-सफाई, नदी-घाटों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता।
स्थानीय रोजगार: सुनियोजित विकास से न केवल धार्मिक पर्यटकों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं प्रगति पर
अमरकंटक: केंद्र सरकार की 'प्रसाद योजना' के तहत 49.99 करोड़ रुपये के विकास कार्य जारी हैं। इसके तहत नर्मदा उद्गम कुंड के जल शुद्धिकरण के लिए फिल्टर प्लांट, सोलर पैनल और मंदिर परिसर में मोनोक्रोमैटिक लाइटिंग का काम कराया गया है, साथ ही मुख्य मार्ग को दो लेन बनाया जा रहा है।
चित्रकूट: सांस्कृतिक पुनरुत्थान के अंतर्गत 27.21 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। वर्ष 2025 के बजट में 'रामवन गमन पथ' के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि भविष्य में 2,200 से 2,800 करोड़ रुपये तक की व्यापक योजनाओं पर काम करने की घोषणा की गई है।
ओंकारेश्वर: यहाँ लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से 'ममलेश्वर लोक' प्रस्तावित है। हाल ही में ओंकारेश्वर, बड़वाह और खेड़ीघाट को मिलाकर एक संयुक्त विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।
मैहर व ओरछा: मैहर में 'मां शारदा लोक' के लिए 775 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार है, जहां पहले चरण में 9 करोड़ रुपये से श्रद्धालु सुविधाएं और 25 करोड़ से आधुनिक स्टेडियम बन रहा है। वहीं, ओरछा में 'श्री रामराजा लोक' के लिए करीब 332 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
उम्मीद है मास्टर प्लान के बाद परेशानी नहीं होगी
चित्रकूट के स्थानीय व्यापारी बसंत पटेल का कहना है कि मेरी फूल-माला और प्रसाद की दुकान है। पहले ट्रैफिक मैनेजमेंट के नाम पर निकाय कर्मचारी हर महीने त्योहारों पर दुकान बंद करने के लिए परेशान करते थे। अब अधिकारियों का आश्वासन है कि एकीकृत मास्टर प्लान के लागू होने के बाद दुकानों को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास होगा
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे का कहना है कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास करना है ताकि वहां के पर्यावरण, धार्मिक मूल अवधारणा और प्राचीन विरासत को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे।




















