राजीव सोनी, भोपाल। देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंग एवं शिव तीर्थ ओंकारेश्वर अब धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर और चमकदार बनकर उभरेगा। महाकाल लोक की तर्ज पर यहां भव्य ममलेश्वर लोक विकसित किया जा रहा है। उज्जैन सिंहस्थ-2028 से पहले 119 करोड़ रुपए की लागत की इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू हो गया है। आदि शंकराचार्य की तपस्थली ओंकारेश्वर देश का एकमात्र ऐसा ‘रिलीजिएस एंड स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन’बन जाएगा जहां नर्मदा तट और अद्वैत लोक के साथ ‘ममलेश्वर लोक’भी दुनिया भर के धार्मिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ममलेश्वर मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार कर क्षेत्र को महालोक के रूप में विकसित करने की योजना दो साल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मप्र पर्यटन निगम ने मंदिर के 12 एकड़ क्षेत्र को चिन्हित कर डीपीआर तैयार की है। दिसंबर 2027 तक क्षेत्र में नया मार्केट, मंदिर तक 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़क व ममलेश्वर पथ, नवगृह, त्रिवेणी व विंध्य वाटिका, शिखर दर्शन दीर्घा, रेवा दर्शन प्रांगण, पार्किंग और आसपास के मंदिरों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। ममलेश्वर लोक प्रोजेक्ट के तहत ममलेश्वर मंदिर समूह, काशी विश्वनाथ, इंदरेश्वर, ब्रह्मेश्वर, विष्णुपुरी, चंद्रमौलिश्वर मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

नर्मदा नदी के एक तरफ ओंकार पर्वत पर ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर का प्राचीन मंदिर स्थित है। नदी के दूसरी तरफ मौजूद प्राचीन ममलेश्वर मंदिर के आसपास बस्ती, बाजार और अतिक्रमण के कारण यहां ज्यादातर श्रद्धालु पहुंच नहीं पाते। ममलेश्वर लोक बनने के बाद यह परिसर नए सिरे से बसाया जा रहा है। पुराने घर-दुकानें और अतिक्रमण हटाया जा रहा है। ममलेश्वर लोक पर काम कर रहे मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के चीफ इंजीनियर दिलीप श्रीवास्तव बताते हैं कि डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसके लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर रहे हैं। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद ओंकारेश्वर के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। सरकार ने पुनर्वास परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। मंदिर के पास शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनेगा। बढ़ेगा रोजगार और धार्मिक पर्यटन मप्र पर्यटन निगम के प्रबंध संचालक इलैया राजा टी. कहते हैं कि सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के पहले महाकाल लोक की तर्ज पर ममलेश्वर लोक निर्माण की तैयारी है। इससे प्रदेश में रिलीजियस टूरिज्म बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रोजेक्ट में जिला प्रशासन का सहयोग भी मिल रहा है।

श्री रामराजा लोक ओरछा
देवी लोक सलकनपुर
पशुपतिनाथ लोक मंदसौर
परशुराम लोक जानापाव, इंदौर
हनुमान लोक पांढुर्णा
संत रविदास लोक सागर
भादवामाता लोक नीमच
देवी लोक मैहर
कामदगिरी परिक्रमा चित्रकूट
मां पीतांबरा लोक दतिया
मां नर्मदा महालोक अमरकंटक
देवी अहिल्या लोक महेश्वर
नागलवाड़ी लोक बड़वानी