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मध्यप्रदेश पुलिस के ये ‘वेपन’ देखकर उड़ जाएंगे होश!

दशहरे पर आज शस्त्र पूजन की परंपरा  
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मध्यप्रदेश पुलिस के ये ‘वेपन’ देखकर उड़ जाएंगे होश!
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी, भोपाल। अत्याधुनिक शस्त्रों के मामले में अब मप्र पुलिस किसी से कम नहीं। उसके पास सेना की तरह अत्याधुनिक और आटोमेटिक हथियारों का भरपूर जखीरा मौजूद है। किसी भी तरह की आपात स्थितियों से निपटने में वह सक्षम है। उसके पास कोलकाता और कानपुरी स्वदेशी के साथ ही अमेरिका, लंदन, बुल्गारिया जर्मनी, आस्ट्रिया और रूस की देशी-विदेशी पिस्टल और रायफलों की बड़ी रेंज है। 

    इन हथियारों की मेंटेनेंस और रासायनिक प्रक्रिया से ब्राउनिंग करने में भी मप्र पुलिस के पास बेजोड़ तकनीक है। हथियारों की ब्राउनिंग करने में उप्र और राजस्थान जैसे राज्य भी मप्र से पीछे हैं। पुलिस फोर्स को अति आधुनिक एमपी- 5 रायफल से सुसज्जित कर दिया गया है। मप्र पुलिस अपने शस्त्रागार और  हथियारों का अमूमन प्रदर्शन नहीं करती। शस्त्रागार और  ‘वेपन’ का ट्रांसपोर्टेशन भी टॉप सीक्रेट रहता है। लेकिन विजयादशमी के दिन पुलिस फोर्स भी अपने सभी तरह के शस्त्रों का समारोहपूर्वक पूजन, उनके प्रति आभार जताने और पब्लिक को पूरी सुरक्षा का संदेश देने की परंपरा निभाती है। 

    ट्रेनिंग दे रही थ्री-नॉट-थ्री

    पुलिस फोर्स में दशकों तक बंदूक का पर्याय रही थ्री-नॉट-थ्री और 410 मस्कट रायफल अब  रिटायर हो चुकी है। आजादी से पहले बनी और सटीक निशाना लगाने में बेजोड़ रहीं ये रायफल आज भी फोर्स में शामिल होने वाले नए सिपाहियों की ट्रेनिंग में काम आ रही है। आर्म्स के पूर्व एडीशनल एसपी संजय पॅवार और डीएसपी सरबजीत सिंह कहते हैं कि श्रेष्ठ हथियारों और हौसले के मामले में हमारी फोर्स किसी से कम नहीं।

    नक्सलियों और आतंकियों से निपटने में सक्षम

    पुलिस सूत्रों का कहना है कि मप्र वैसे तो शांति का टापू माना जाता है। यहां नक्सलियों और आतंकवादी वारदातों का बहुत ज्यादा खतरा नहीं रहता फिर भी ऐसी सिचुएशन से निपटने  के लिए पुलिस फोर्स पूरी तरह चाक-चौबंद है। समाज विरोधी तत्वों से निपटने के लिए वह बेहतरीन हथियारों से सुसज्जित है। 

    ये है घातक हथियारों की शृंखला

    नई तकनीक की एमपी-5 रायफल, 5-6 इंसास सेमी एवं ऑटोमेटिक, जेवीपीसी कार्बाइन, असाल्ट रायफल, एके-47, स्नाइपर रायफल, 5.56 एवं  7.62 के अलावा 9 एमएम और ग्लॉक पिस्टल। 

    हमारे पास बेजोड़ हथियारों की बड़ी सीरीज

    सातवीं बटालियन के कमांडेंट हितेष चौधरी कहते है कि बदलते समय की चुनौतियों के साथ ही मप्र पुलिस के ‘वेपन’ भी अत्याधुनिक श्रेणी के होते जा रहे है। नई तकनीक और मारक क्षमता को देखते हुए एडवांस वर्जन समय-समय पर शामिल करते हैं। इस मामले में हम कई राज्यों से बेहतर हैं। अभी इंसास, कार्बाइन के साथ बेजोड़ तकनीक की एमपी-5 रायफल फोर्स की शान बनी हुई है।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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