अच्छी खबर :भारत के कच्चे तेल का टैंकर 'जग लाडकी' यूएई के फुजैराह से सुरक्षित निकला

 ऑइल टर्मिनल पर हमले के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह से तेल भरने के बाद भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का एक टैंकर सुरक्षित निकल गया है। यह चौथा भारतीय ध्वजवाहक जहाज है जो युद्ध क्षेत्र से बिना किसी नुकसान के बाहर निकला है।
भारत के कच्चे तेल का टैंकर 'जग लाडकी' यूएई के फुजैराह से सुरक्षित निकला
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह से कच्चा तेल भरकर भारतीय ध्वज वाला टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित रूप से भारत के लिए रवाना हो गया है। यह जहाज लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चा तेल लेकर निकला है। सरकार ने रविवार को जारी अद्यतन जानकारी में बताया कि जहाज भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे फुजैराह से रवाना हुआ और उसमें सवार सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह युद्ध प्रभावित क्षेत्र से बिना किसी नुकसान के बाहर निकलने वाला चौथा भारतीय ध्वजवाहक जहाज है।

    टर्मिनल पर हमले के बीच भरा गया कच्चा तेल

    सरकार के अनुसार 14 मार्च 2026 को जब ‘जग लाडकी’ फुजैराह के सिंगल पॉइंट मूरिंग पर कच्चा तेल भर रहा था, उसी दौरान तेल टर्मिनल पर हमला हुआ। इसके बावजूद जहाज ने सुरक्षित तरीके से तेल लोडिंग पूरी की और रविवार को भारत के लिए रवाना हो गया। सरकार का कहना है कि जहाज और उस पर मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने इसे भारतीय कूटनीति और समुद्री समन्वय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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    एलपीजी लेकर दो भारतीय जहाज भी निकले 

    इससे पहले शनिवार को दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ भी युद्ध प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुके हैं। इन दोनों जहाजों में करीब 92,712 टन एलपीजी लदी हुई है। जानकारी के अनुसार ‘शिवालिक’ 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि ‘नंदा देवी’ 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर लंगर डालेगा। ये दोनों जहाज उन 24 पोतों में शामिल थे जो युद्ध शुरू होने के बाद इस क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में फंस गए थे।

    अन्य जहाजों की भी सुरक्षित आवाजाही जारी

    पश्चिमी क्षेत्र में फंसे जहाजों के अलावा पूर्वी हिस्से में भी चार जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इनमें भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’ भी शामिल था, जो ओमान से अफ्रीका पेट्रोल लेकर जा रहा था। यह जहाज शुक्रवार को युद्ध प्रभावित इलाके को पार कर गया। ‘जग प्रकाश’ ने ओमान के सोहर बंदरगाह से पेट्रोल लिया था और अब यह तंजानिया के टांगा बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है, जहां इसके 21 मार्च तक पहुंचने की संभावना है।

    ऊर्जा आपूर्ति पर सरकार की निगरानी

    सरकार ने बताया कि इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। वर्तमान में फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय ध्वजवाहक जहाज हैं, जिन पर 611 नाविक तैनात हैं। भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चे तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और करीब 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। हालिया संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है, जो खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। हालांकि भारत ने रूस जैसे अन्य देशों से तेल मंगाकर आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की है। सरकार के मुताबिक पोत परिवहन महानिदेशालय जहाज मालिकों, एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर पूरे हालात पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा बनी रहे। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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