MP:900 MSME और स्टार्टअप इकाइयों को 360 करोड़ रुपये की सहायता, CM यादव बोले- रोजगार और निवेश में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश में उद्योग और उद्यमिता को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को बड़ी राहत दी। सरकार ने 900 से अधिक इकाइयों के लिए 360 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार को बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि मजबूत उद्योग ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।
स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को मिला आर्थिक सहयोग
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सरकार ने विभिन्न एमएसएमई और स्टार्टअप इकाइयों को सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से यह राशि जारी की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि नए उद्योगों और उद्यमियों के प्रति भरोसे का प्रतीक भी है। उनका कहना था कि जब नए उद्योग आगे बढ़ते हैं तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
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2047 तक बड़ा लक्ष्य हासिल करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के साथ मध्य प्रदेश ने भी अपनी औद्योगिक योजनाओं को आगे बढ़ाया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों का निर्माण करना है। उनका मानना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने से लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बनी खास उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। वर्तमान में हजारों स्टार्टअप सक्रिय हैं और इनमें बड़ी संख्या महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव बताया। सरकार महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन भी उपलब्ध करा रही है।
औद्योगिक क्षेत्रों का लगातार हो रहा विस्तार
राज्य सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में कई नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित किए गए हैं। उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। इसके कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और नए उद्योग लगाने में आसानी हुई है। सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी सुविधाएं और आसान प्रक्रियाएं निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है। छोटे और मध्यम उद्योगों के विस्तार से लाखों लोगों को काम मिला है। सरकार की कोशिश है कि उद्योगों के जरिए युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए कौशल विकास और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
निवेश सहायता में दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में हजारों उद्यमियों को निवेश सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि पहले की तुलना में काफी अधिक है। सरकार का दावा है कि लंबित देयकों का भुगतान भी तेजी से किया गया है, जिससे उद्योगों को अपनी गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिली है। इससे प्रदेश का औद्योगिक माहौल और अधिक मजबूत हुआ है।
उद्योग आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा प्रदेश
उद्योग, निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाली नीतियां प्रदेश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है ताकि निवेशकों को बेहतर माहौल मिले और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हों। प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।











