प्रधानमंत्री मोदी और डच पीएम की बड़ी बैठक,होर्मुज से लेकर रक्षा तक 17 अहम समझौतों पर लगी मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड्स के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। द हेग में हुई अहम बैठक में पीएम मोदी और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने दोनों देशों के संबंधों को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान रक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और व्यापार जैसे कई बड़े क्षेत्रों में कुल 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं की बैठक सिर्फ व्यापारिक साझेदारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा हुई। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों ने चिंता जताई और समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
भारत और नीदरलैंड्स की चिंता
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉब जेटन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों की सुरक्षा पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' यानी समुद्री जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही का समर्थन किया। दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव की वजह से इस इलाके में हालात संवेदनशील बने हुए हैं। दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में अगर यहां कोई बड़ा संकट पैदा होता है तो उसका असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
रक्षा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग
रक्षा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया। दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप बनाने पर सहमति जताई, जिसके तहत संयुक्त रूप से रक्षा उपकरणों और सिस्टम का निर्माण किया जा सकता है। इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट वेंचर पर भी फोकस रहेगा। सेमीकंडक्टर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए नीदरलैंड्स के 'सेमिकॉन कॉम्पिटेंस सेंटर' को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ने की पहल का स्वागत किया गया। इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा पर भी बनी बात
बैठक के दौरान ग्रीन एनर्जी को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए। दोनों देशों ने ग्रीन हाइड्रोजन के विकास और स्वच्छ ऊर्जा तकनीक पर मिलकर काम करने की बात कही। इसके लिए एक रोडमैप भी तैयार किया गया है। भारत लंबे समय से ग्रीन एनर्जी सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है और नीदरलैंड्स इस क्षेत्र में तकनीकी रूप से काफी मजबूत माना जाता है। ऐसे में दोनों देशों की साझेदारी भविष्य में बड़े निवेश और तकनीकी सहयोग का रास्ता खोल सकती है। क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन मजबूत करने पर भी सहमति बनी। इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी और हाईटेक इंडस्ट्री के लिए जरूरी खनिजों की उपलब्धता को लेकर दोनों देशों ने साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया।
यूक्रेन युद्ध पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉब जेटन के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने कहा कि किसी भी संघर्ष का समाधान युद्ध नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से निकलना चाहिए। संयुक्त बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान जरूरी है। भारत लगातार रूस और यूक्रेन के बीच संवाद और शांति की अपील करता रहा है। पीएम मोदी ने पहले भी कई मंचों पर कहा है कि यह 'युद्ध का समय नहीं है' और समस्याओं का हल बातचीत से ही निकाला जाना चाहिए।
आतंकवाद के खिलाफ दिखी एकजुटता
बैठक में आतंकवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत के साथ एकजुटता दिखाई। दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाना बेहद जरूरी है। साथ ही यह भी कहा गया कि आतंकवाद के मामले में किसी भी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए।
भारत-नीदरलैंड्स व्यापार में लगातार बढ़ोतरी
भारत और नीदरलैंड्स के बीच आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। नीदरलैंड्स भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक भी बन चुका है। वहीं यूरोप में भारतीय निर्यात के लिए रॉटरडैम पोर्ट को बेहद अहम माना जाता है।












