🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और होटल-मॉल, कर्मचारियों के काम के घंटे तय

मध्य प्रदेश में अब दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे और सातों दिन खुले रखे जा सकेंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026 को मंजूरी दे दी है।
Follow on Google News
मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और होटल-मॉल, कर्मचारियों के काम के घंटे तय
मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और होटल-मॉल

भोपाल। नई व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे कारोबार की अनुमति होगी, लेकिन कर्मचारियों से लगातार काम नहीं कराया जा सकेगा। कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट में लगानी होगी और एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा। ओवरटाइम के लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी और अतिरिक्त काम का भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार करना होगा। नई संहिता में ऑनलाइन पंजीयन, कर्मचारी सुरक्षा, महिला कर्मियों के लिए सुरक्षित माहौल और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा देने पर भी जोर दिया गया है।

24 घंटे खुल सकेंगे दुकान, मॉल और होटल-रेस्टोरेंट

नई श्रम शक्ति संहिता लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब 24 घंटे और सातों दिन खुले रखे जा सकेंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों से लगातार दिन-रात काम कराया जाएगा। कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट के हिसाब से तय करनी होगी और निर्धारित समय के बाद उनकी शिफ्ट बदली जाएगी। इस व्यवस्था से लोगों को रात के समय भी खरीदारी, भोजन और होटल जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। खासतौर पर बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे कारोबार करने का अवसर मिलेगा।

मुंबई को मिलेंगी 238 एसी लोकल ट्रेन; सफर होगा आसान, 2027 से बढ़ जाएगी सुविधा

सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा 

नई व्यवस्था में कर्मचारियों के काम के घंटे भी तय किए गए हैं। किसी कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक ही काम कराया जा सकेगा। अगर निर्धारित समय से अतिरिक्त काम कराया जाता है तो इसके लिए कर्मचारी की सहमति लेना जरूरी होगा। अतिरिक्त काम के बदले ओवरटाइम का भुगतान भी लागू नियमों के अनुसार करना होगा। यानी प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति मिलने के बावजूद कर्मचारियों के काम और आराम के अधिकारों का ध्यान रखना होगा। संहिता में शिफ्ट व्यवस्था के जरिए कारोबार और कर्मचारी हितों के बीच संतुलन बनाने का प्रावधान किया गया है।

Breaking News

अब बार-बार रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल की जरूरत नहीं

नई संहिता के तहत दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन और उसका रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी। एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद प्रतिष्ठान को प्रमाण-पत्र और एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद अगर दुकान या प्रतिष्ठान की जानकारी में कोई बदलाव होता है तो उसे ऑनलाइन माध्यम से अपडेट करना होगा। नई व्यवस्था से कारोबारियों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी को ऑनलाइन तरीके से अपडेट रखा जा सकेगा।

NRS अस्पताल के शौचालय में मिली नर्स की लाश, नाइट ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा; जांच में जुटी पुलिस

महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित माहौल का प्रावधान 

नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रतिष्ठान मालिकों को कार्यस्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण, आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने की उचित व्यवस्था करनी होगी। महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और काम से जुड़े सुरक्षा प्रावधान भी किए गए हैं। रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और अन्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और समितियां बनाई जाएंगी, जबकि श्रम विभाग के अधिकारी जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठानों की जांच कर दस्तावेज मांग सकेंगे और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई कर सकेंगे।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

icon

Latest Posts