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MP News :नीमच की तर्ज पर देश की हर मंडी में होगा 'मेडिसिनल डे'

नीमच मंडी में हर दिन होने वाली औषधीय पौधों की बिक्री को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजे प्रस्ताव पर जल्द ही मुहर लगने वाली है। यह जानकारी राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (National Medicinal Plants Board), आयुष मंत्रालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दधीच ने पीपुल्स समाचार से खास बातचीत में साझा की।
नीमच की तर्ज पर देश की हर मंडी में होगा 'मेडिसिनल डे'
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हर्षित चौरसिया, जबलपुर। प्रदेश के नीमच जिले की मंडी की तर्ज पर देश की हर मंडी में सप्ताह में एक दिन मेडिसिनल डे करने की तैयारी की जा रही है। नीमच मंडी में हर दिन होने वाली औषधीय पौधों की बिक्री हो देखते हुए आयुष मंत्रालय ने इसका प्रस्ताव देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि देश में औषधीय क्रांति को लेकर तैयार किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पर कृषि मंत्रालय अपनी मुहर लगा देगा। यह जानकारी राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दधीच ने पीपुल्स समाचार से खास चर्चा में दी। 

    औषधीय खेती को बढ़ावा देने बड़े रोडमैप पर काम

    डॉ. दधीच जबलपुर कृषि विवि में आयोजित दो दिवसीय औषधीय पादपों पर राष्ट्रीय स्तर की क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में शामिल होने आए थे। उन्होंने चर्चा में बताया कि भारत सरकार अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ औषधीय खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े रोडमैप पर काम कर रही है। इस योजना के केंद्र में मध्य प्रदेश की नीमच मंडी को रखा गया है, जिसे देशभर की मंडियों के लिए एक 'मॉडल' के रूप में विकसित किया जाएगा।

    अश्वगंधा के बाद अब सतावरी पर शुरू होगा काम

    डॉ. दधीच ने बताया कि दो साल पहले हमने औषधीय पौधा अश्वगंधा पर काम करना शुरू किया।  तकनीक और व्यापारियों से सीधे संवाद के कारण अश्वगंधा की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल आया है। जो अश्वगंधा पहले 60-70 प्रति किलो बिकता था, वह आज गुणवत्ता सुधार के बाद 350 से 400 प्रति किलो तक बिक रहा है। इसी तरह मोरिंगा भी 100 किलो तक पहुंच गया है।  अगले दो वर्षों के लिए केंद्र सरकार का मुख्य फोकस सतावरी की खेती पर है। विशेषकर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी इस पौधे की खेती करने वाले किसानों को बेहतर बीज, बाजार और सही दाम दिलाने के लिए व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

    डिजिटल तकनीक और एआई से लैस होंगे किसान

    किसानों की सुविधा के लिए एनएमपीवी ने आधुनिक तकनीक का समावेश किया है। किसान अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी उपज का विवरण दर्ज कर सकेंगे। सहायता के लिए एक एआई चैटबॉट भी उपलब्ध कराया गया है। 

    तकनीक से दूरी को खत्म करना लक्ष्य

    मंत्रालय का लक्ष्य देशभर में औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसानों और बाजार के बीच की दूरी को तकनीक के माध्यम से खत्म करना है। नीमच का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक नजीर बनेगा। साथ ही औषधीय पौधों की खेती करने वाले कृषक समृद्ध बनेंगे। 

    यह होता है मेडिशनल डे 

    मेडिशनल डे या औषधीय दिवस विशेष रूप से औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और उनके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक चिकित्सा और प्राचीन ज्ञान को बढ़ावा देना है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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