Aakash Waghmare
14 Jan 2026
नई दिल्ली। भारत सरकार ने बुधवार को ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति, क्षेत्रीय तनाव और देश के विभिन्न हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीयों से यथाशीघ्र ईरान छोड़ने की अपील की गई है। यह एडवाइजरी तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी की गई है।
एडवाइजरी में कहा गया है,“भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2025 को जारी की गई सलाह के क्रम में और ईरान में बदलती सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, ईरान में वर्तमान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध परिवहन साधनों के जरिए ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है।”यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। वहीं, देश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 2,500 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। भारतीय अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और अशांति वाले इलाकों से दूर रहने को कहा है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने दोहराया है कि“ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्ति) पूरी सावधानी बरतें, प्रदर्शन और धरना स्थलों से दूर रहें, भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें और स्थानीय मीडिया के माध्यम से हालात पर नजर बनाए रखें।”इसके साथ ही भारतीयों से अपने पासपोर्ट और पहचान संबंधी दस्तावेज हमेशा तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है।
भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी जारी की है। जिन भारतीयों ने अभी तक दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करने की अपील की गई है। यदि ईरान में इंटरनेट सेवा बाधित होती है, तो भारत में मौजूद उनके परिजनों से उनके लिए रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया गया है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन उस समय शुरू हुए जब देश की आर्थिक स्थिति तेजी से बिगड़ी और महंगाई बेकाबू हो गई। हाल ही में ईरानी मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक गिरावटके साथ 1 डॉलर के मुकाबले 14 लाख रियाल तक पहुंच गई। तेल संपन्न इस इस्लामिक देश पर वर्षों से लगे प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर बना दिया है।