लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर एक्शन:फ्रांस में गिरफ्तारी, कनाडा से भारत डिपोर्ट होगा गुर्गा, कपिल शर्मा कैफे फायरिंग केस में भी कार्रवाई

विदेशों में सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अब लगातार बड़ी कार्रवाई हो रही है। पहले अमेरिका ने इस गैंग के नेटवर्क पर शिकंजा कसा और अब फ्रांस और कनाडा की एजेंसियां भी एक्शन मोड में हैं। फ्रांस में गैंग से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कनाडा ने कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग से जुड़े एक अन्य आरोपी को पकड़ लिया है। इतना ही नहीं, गैंग के एक कथित सदस्य को भारत डिपोर्ट करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
जांच एजेंसियों की इन कार्रवाइयों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। इससे गैंग के विदेशी नेटवर्क पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
फ्रांस में गिरफ्तार हुआ लॉरेंस गैंग का सदस्य
कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने शुक्रवार को जानकारी दी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गरिंदर देव को फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्यर्पण के जरिए कनाडा लाया जाएगा। गरिंदर देव लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर था। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी से गैंग के विदेशी नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
यह भी पढ़ें: Operation Hard Ball: बिश्नोई गैंग पर अमेरिका का शिकंजा, 24 गिरफ्तार, कई देशों में कार्रवाई
कई नामों से जाना जाता है गरिंदर देव
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की चार्जशीट के अनुसार, 40 वर्षीय गरिंदर देव कई अलग-अलग नामों से पहचान बनाकर काम करता था। उसे 'डॉक्टर', 'रॉकेट' और 'रिट्ज कार्लटन' जैसे नामों से भी जाना जाता है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम करता था। उसके जरिए विदेशों में कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था।
ड्रग्स तस्करी में भी है बड़ा आरोप
अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक गरिंदर देव पर भारी मात्रा में ड्रग्स की तस्करी की साजिश में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि उसने बड़ी मात्रा में कोकीन और हेरोइन की खरीद कर उसे अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। बताया गया कि दक्षिणी कैलिफोर्निया से अमेरिका के पूर्वी इलाकों तक ड्रग्स भेजने के नेटवर्क में उसकी अहम भूमिका थी।
यह भी पढ़ें: जिम ट्रेनर मर्डर केस : 24 दिन बाद पुलिस एनकाउंटर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर ढेर
99 किलो से ज्यादा कोकीन की खेप हुई थी जब्त
जून 2025 में लगभग 99.2 किलो कोकीन और करीब 1 किलो हेरोइन की बड़ी खेप भेजने की कोशिश की गई थी। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस खेप को रास्ते में ही जब्त कर लिया था। इस मामले की जांच के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय लिंक सामने आए थे, जिसके बाद अलग-अलग देशों की एजेंसियां सक्रिय हुईं। इसी जांच के आधार पर गरिंदर देव के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई।
कनाडा से भारत भेजा जाएगा जशनदीप सिंह
इधर कनाडा में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी ट्रिब्यूनल ने गैंग के कथित सदस्य जशनदीप सिंह को देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जशनदीप सिंह को भारत डिपोर्ट किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उसके खिलाफ जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
कपिल शर्मा के कैफे फायरिंग केस से जुड़ा नाम
जशनदीप सिंह का नाम कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे के बाहर हुई फायरिंग की घटना में सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार उस पर आरोप है कि उसने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने में मदद की थी। हालांकि इस मामले में अभी तक उसके खिलाफ कोई औपचारिक आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए हैं।
यह भी पढ़ें: सलमान खान से करीबी बनी वजह? गुरु रंधावा के जिम फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा, लॉरेंस गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
स्टूडेंट वीजा पर पहुंचा था कनाडा
जानकारी के अनुसार जशनदीप सिंह वर्ष 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। बाद में उसका नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामलों में सामने आया। इसी वजह से कनाडा की एजेंसियों ने उसके दस्तावेजों और गतिविधियों की जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद अब उसे भारत भेजने का फैसला लिया गया है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के किसी सदस्य पर विदेश में कार्रवाई हुई हो। इससे पहले गैंग से जुड़े अर्शदीप सिंह को भी कनाडा से भारत डिपोर्ट किया जा चुका है। पिछले कुछ समय से अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों की एजेंसियां इस गैंग के नेटवर्क की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि गैंग ने कई देशों में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश की थी।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि फ्रांस से गरिंदर देव का प्रत्यर्पण कब तक पूरा होता है और भारत डिपोर्ट किए जाने वाले जशनदीप सिंह के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन दोनों मामलों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।











