MP News :कब्रिस्तानों में भी अवैध प्लॉटिंग, बेच दी गई करोड़ों की जमीन

विजय एस. गौर, भोपाल । प्रदेशभर में वक्फ बोर्ड की 5 अरब रुपए से ज्यादा की 15 हजार प्रॉपर्टियां हैं। इन संपत्तियों का रिकॉर्ड मेंटेन किया जाता है। बावजूद वक्फ प्रॉपर्टियों को बेचने और व्यवसायिक उपयोग में इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां तक कि कब्रिस्तानों में अवैध प्लाटिंग करके बिल्डिंगें तन गई हैं या फिर दुकानें बना ली गई हैं।
राजधानी भोपाल के बड़ा बाग, ऐशबाग और छावनी कब्रिस्तान की जमीन की खसरा नंबर सहित डिटेल जानकारी वक्फ बोर्ड में है। पूर्व में 2010 में भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन और नगर निगम ने कब्रिस्तानों से कब्जा हटाया था। बावजूद धीरे-धीरे फिर से कब्जा हो गया और होटल तक बन गए। इसके बाद भी वक्फ बोर्ड की ओर से जिला प्रशासन को अवैध कब्जे हटाने के लिए नहीं लिखा गया।
ये हैं कुछ उदाहरण
- रायसेन जिले के बाड़ी में वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन बेचने में धांधली के खिलाफ ताजुल मसाजिद के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन।
- ग्वालियर में वक्फ कब्रिस्तान में प्लाटिंग और मस्जिद को गुपचुप बेचने के खिलाफ वक्फ बोर्ड में शिकायत के साथ फोटो और दस्तावेज सौंपे गए।
- भोपाल के बड़ाबाग, ऐशबाग और छावनी कब्रिस्तान में होटल, दुकानें और बिल्डिंगें बन गईं। वक्फ बोर्ड को शिकायत के बाद भी सालों से जांच और बेदखली अटकी।
रखवालों ने ही बेच दी जमीनें
वक्फ बोर्ड के सूत्रों के अनुसार करीब डेढ़ सौ शिकायतों को संबंधित जिला कलेक्टरों को भेजने के बाद बोर्ड के जिम्मेदार अफसर भूल गए हैं। नतीजे में इंदौर, जबलपुर सहित प्रदेशभर की वक्फ प्रॉपर्टी कब्जामुक्त नहीं हो पाई।
उम्मीद पोर्टल से बनी संभावनाएं
वक्फ बोर्ड के उम्मीद पोर्टल पर वक्फ प्रॉपर्टियों को दर्ज किया जा रहा है, जोकि अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे 15 हजार प्रॉपर्टियां ऑनलाइन हो जाएंगी और उनकी अद्यतन स्थिति सामने आने से अवैध कब्जे हटाने की मुहिम चलेगी।
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सीबीआई जांच की मांग
वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन को बेचने का आरोप लगाते ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने ताजुल मसाजिद के सामने प्रदर्शन करके सीबीआई जांच की मांग की। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि 1961 में वक्फ जमीन को बेचा गया है, बावजूद वक्फ बोर्ड चुप्पी साधे हैं। इसमें कई बडेÞ लोग शामिल हैं, ऐसे में सरकार सीबीआई जांच करवाए।
सीधी बात : डॉ. सनवर पटेल, चेयरमैन, स्टेट वक्फ बोर्ड
सवाल : वक्फ प्रॉपर्टियों को बेचने पर क्या कार्रवाई हो रही है?
जवाब : बोर्ड का सीईओ शुरुआती जांच करता है और खसरा आदि से मिलान करता है। इसके बाद कलेक्टर को मामला भेज दिया जाता है।
सवाल : कई मामले बोर्ड में सालों से लंबित क्यों हैं?
जवाब : अब नया वक्फ कानून लाया गया है कि अगर किसी के पास पुख्ता जानकारी है तो बोर्ड में शिकायत करे, जरूर सख्त कार्रवाई होगी।












