ओ-जोन के 15 लाख लोगों को राहत!CM रेखा गुप्ता बोलीं- पुराने घरों पर नहीं चलेगा बुलडोजर, नए निर्माणों पर रहेगी नजर

दिल्ली के ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि पहले से बने मकानों और पुरानी बस्तियों पर किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं होगी। सरकार का ध्यान केवल नए और अवैध निर्माणों को रोकने पर रहेगा, ताकि लोगों में फैली चिंता दूर हो सके।
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CM रेखा गुप्ता बोलीं- पुराने घरों पर नहीं चलेगा बुलडोजर, नए निर्माणों पर रहेगी नजर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ओ-जोन क्षेत्र में रहने वाले लाखों परिवारों के बीच पिछले कुछ समय से अपने घरों को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ था। विभिन्न नोटिसों और चेतावनी बोर्डों के बाद लोगों को आशंका थी कि कहीं उनके मकानों पर कार्रवाई न हो जाए। इसी चिंता को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में सांसदों, वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पुराने और पहले से बने मकानों को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार किसी भी परिवार को बेवजह परेशान नहीं होने देगी और अदालत के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने लोगों की चिंता को गंभीरता से लिया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ओ-जोन में रहने वाले लोगों की परेशानियां सरकार समझती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे पर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उनका कहना था कि कई जगहों पर लगाए गए बोर्ड और नोटिस लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक डर का माहौल बन गया है। सरकार चाहती है कि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे और किसी भी तरह की अफवाह न फैले।

पुराने मकान पूरी तरह सुरक्षित

बैठक में अधिकारियों ने हाई कोर्ट के आदेशों और उपलब्ध रिकॉर्ड की जानकारी दी। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि अदालत ने पहले से बने मकानों और पुरानी आबादियों को हटाने का कोई निर्देश नहीं दिया है। मुख्यमंत्री ने भी दोहराया कि जो मकान वर्षों से बने हुए हैं और जहां लोग लंबे समय से रह रहे हैं, उनके खिलाफ कोई तोड़फोड़ अभियान नहीं चलाया जाएगा। इससे क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है।

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नए अवैध निर्माणों पर होगी सख्ती

सरकार ने यह भी साफ किया कि अदालत की चिंता उन निर्माण कार्यों को लेकर है जो वर्तमान में चल रहे हैं या हाल ही में शुरू हुए हैं। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य यमुना क्षेत्र में अनियंत्रित और अवैध निर्माण को रोकना है, ताकि पर्यावरण और नदी क्षेत्र को नुकसान न पहुंचे।

नोटिस और बोर्ड की भाषा बदलेगी

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि कई सरकारी बोर्डों और नोटिसों की भाषा लोगों में डर पैदा कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिसों की भाषा की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव किया जाए। उनका मानना है कि सरकारी सूचना का उद्देश्य लोगों को जानकारी देना होना चाहिए, डर पैदा करना नहीं।

क्यों खास है ओ-जोन?

ओ-जोन यमुना नदी के आसपास का वह क्षेत्र है जिसे पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। वर्षों से यहां बड़ी संख्या में कॉलोनियां और गांव विकसित हो चुके हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में करीब 90 से अधिक कॉलोनियां और कई पुराने गांव मौजूद हैं, जहां बड़ी आबादी निवास करती है। इसी वजह से यहां किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई का असर लाखों लोगों पर पड़ता है।

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केंद्र सरकार से भी होगी चर्चा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह जल्द ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री से मुलाकात करेंगी। इस दौरान ओ-जोन से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि लोगों के हितों की रक्षा करते हुए पर्यावरण संरक्षण के नियमों का भी पालन किया जाए।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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