कांकेर में तीन नक्सलियों का सरेंडर इस बात का संकेत है कि हालात धीरे-धीरे बदल रहे हैं। ऑपरेशन और पुनर्वास नीति के चलते नक्सली अब हथियार छोड़कर सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, परतापुर थाना इलाके में तीन माओवादी—संगीता कुंजाम, संजू और लखमू—बिना हथियार के पुलिस के पास पहुंचे और सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादियों ने यह कदम उठाया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के कई जिले अब नक्सलमुक्त हो गए हैं।
बस्तर संभाग में लगातार चल रहे सुरक्षा बलों के ऑपरेशन का असर अब साफ दिख रहा है। हाल ही में डीकेएसजेडसीएम पापा राव समेत 18 नक्सलियों ने भी सरेंडर किया था। इन कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में नकदी और आधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं। इससे नक्सलियों का नेटवर्क कमजोर होता जा रहा है।
ये भी पढ़ें: अब EV चलाना होगा आसान : एमपी के इन 8 शहरों में बनेंगे चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल-डीजल से मिलेगी राहत
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राज्य के नेताओं ने लगातार नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। बस्तर के आईजी पी. सुंदरराज ने भी कहा कि जो नक्सली हथियार छोड़ना चाहते हैं, उन्हें सरकार हर संभव मदद देगी। सरकार की नीति का असर यह है कि अब तक 2700 से ज्यादा माओवादी सरेंडर कर चुके हैं।