हरदा में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज :थाली-ताली बजाकर किया प्रदर्शन, चक्काजाम की तैयारी में जुटे
हरदा। जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग की शत प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जारी किसानों का आंदोलन अब बड़ा रूप लेने जा रहा है। एक तरफ जहां भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में स्थानीय कृषि उपज मंडी में विगत छह दिनों से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकार की मूंग नीति के विरुद्ध आम किसान यूनियन का गांव गांव प्रदर्शन जारी है। पहले पंचायत स्तर पर सरकार का पुतला दहन किया गया। उसी कड़ी में शुक्रवार को शहर के चारों दिशा में चक्काजाम करने की तैयारी है।
10 जुलाई को चक्काजाम में जुटेंगे सैकड़ों
इसको लेकर आम किसान यूनियन के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को एकजुट कर रहे हैं। साथ ही 10 तारीख को शाम बजे मुख्यालय पर होने वाले चक्काजाम आंदोलन में किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने में जुटे हैं। आम किसान यूनियन के राम इनानिया ने बताया कि बीते दो दिनों से गांव गांव जाकर किसानों से संपर्क जारी है। किसान सरकार की मूंग खरीदी की मात्रा से खासे नाराज हैं। आंदोलन को सफल बनाने के लिए ग्राम चारखेड़ा, सोहागपुर, मन्याखेड़ी समेत अन्य गांवों में किसानों की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। इधर, चक्काजाम आंदोलन की खबर मिलते ही जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सचेत है।
पांचवें दिन भी जारी रहा धरना
हरदा में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को किसानों ने कलेक्ट्रेट के सामने थाली और ताली बजाकर विरोध जताया। इससे पहले 100 यूनिट रक्तदान कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन ब्लड डोनेशन वैन नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी देखने को मिली।
मंडी शेड में दाल-बाटी बनाकर किया भोजन
टिमरनी तहसील के 150 से अधिक किसान बुधवार रात मंडी शेड में एकत्र हुए। यहां किसानों ने दाल-बाटी-चूरमा बनाकर सामूहिक भोजन किया। खास बात यह रही कि उन्होंने उन्हीं थालियों में खाना खाया, जिनसे कुछ घंटे पहले विरोध प्रदर्शन किया था। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि हजारों किसान मूंग खरीदी को लेकर परेशान हैं।
गांव-गांव पहुंच रहे किसान नेता
भारतीय किसान संघ शत-प्रतिशत मूंग खरीदी, खाद वितरण प्रक्रिया को आसान बनाने और पिछले साल की सोयाबीन बीमा राशि का भुगतान करने की मांग कर रहा है। जिले के करीब 40 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन सरकार ने प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग खरीदने का फैसला किया है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं।














