‘खीर सेरेमनी’ के साथ शुरू हुआ यह बजट सत्र केवल एक परंपरा नहीं बल्कि सरकार की कार्यशैली और सोच को दर्शाता है। सहभागिता, पारदर्शिता और विकास के वादों के साथ यह बजट सत्र दिल्ली के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है।
बजट सत्र से पहले आयोजित इस ‘खीर सेरेमनी’ में एक बड़ी कड़ाही में खीर तैयार की गई और उसे वहां मौजूद लोगों में बांटा गया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से स्कूली बच्चों को खीर खिलाकर कार्यक्रम को खास बना दिया। बच्चों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए धन्यवाद जताया। इस आयोजन में मंत्री, विधायक, अधिकारी और कई क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए।
दिल्ली सरकार की यह पहल केंद्र सरकार की ‘हलवा सेरेमनी’ की तर्ज पर की जा रही है। संसद में बजट पेश होने से पहले हलवा सेरेमनी उस प्रक्रिया का संकेत होती है कि बजट प्रक्रिया अब अपने अहम चरण में पहुंच गई है। इसी तरह दिल्ली में ‘खीर सेरेमनी’ को भी बजट प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत और उसमें शामिल सभी लोगों के योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि इस परंपरा की शुरुआत 2025 में पहली बार की गई थी।
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सीएम ने बताया कि इस बार का बजट दिल्ली के विकास पर केंद्रित होगा। सड़कों, सुविधाओं और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि लंबे समय से लंबित योजनाओं को पूरा कर राजधानी को नई दिशा दी जाए।