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पानी भी बना जहर! जांच में मिला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया

भागीरथपुरा के बाद रिजवानी उद्यान क्षेत्र में भी नर्मदा जल की गुणवत्ता पर सवाल, चार महीने से दूषित पानी पीने को मजबूर रहवासी; निजी लैब की रिपोर्ट ने खोली पोल
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जांच में मिला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया
प्रतीकात्मक चित्र

शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक और गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। भागीरथपुरा में दूषित पानी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब खातीवाला टैंक स्थित रिजवानी उद्यान क्षेत्र में सप्लाई हो रहे नर्मदा जल की जांच रिपोर्ट ने नई चिंता खड़ी कर दी है। निजी लैब में कराई गई जांच में पानी में खतरनाक ई-कोलाई (E-Coli) बैक्टीरिया और अत्यधिक टोटल कोलीफॉर्म मिलने की पुष्टि हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नलों से आने वाला पानी देखने में पूरी तरह साफ दिखाई देता है, लेकिन इसे पीने के बाद क्षेत्र के लोग बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

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मामले का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्र के ही रहवासी चिकित्सक डॉ. गुरमीत सिंह नारंग स्वयं दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़ गए। लगातार तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने नल के पानी का नमूना निजी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट आने के बाद सामने आया कि यह पानी पीने योग्य नहीं है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

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चार महीने से दूषित पानी, शिकायतें बेअसर

भागीरथपुरा में फीकल कंटामिनेशन और ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने के बाद अब खातीवाला टैंक क्षेत्र भी इसी समस्या की चपेट में आ गया है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि पिछले करीब चार महीनों से नलों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। नगर निगम के जलकार्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन की जांच कर रिसाव और प्रदूषण के स्रोत का तत्काल पता लगाया जाना चाहिए, ताकि बीमारी फैलने से रोकी जा सके।

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लैब रिपोर्ट ने खोली पानी की हकीकत

डॉ. गुरमीत सिंह नारंग द्वारा कराई गई जांच में पानी की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मौजूद है, जबकि टोटल बैक्टीरियल काउंट और टोटल कोलीफॉर्म काउंट दोनों ही 100 से अधिक दर्ज किए गए हैं। प्रयोगशाला ने स्पष्ट रूप से इस पानी को "पीने के लिए अनुपयुक्त और स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित" घोषित किया है।

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रिपोर्ट में सामने आए प्रमुख तथ्य

लोग बीमार, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से कई परिवारों में लोग लगातार बीमार हो रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में पेट का संक्रमण, उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द और घबराहट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की जांच और सुधार नहीं किया गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।रहवासियों ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र की पूरी पाइपलाइन की वैज्ञानिक जांच कराई जाए, दूषित जल आपूर्ति तत्काल बंद की जाए और प्रदूषण के वास्तविक स्रोत का पता लगाकर स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि भागीरथपुरा जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रशासन को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई करनी होगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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