ईरान के पैसों से अमेरिकी किसानों को फायदा!ट्रंप का बड़ा ऐलान- गेहूं हमसे खरीदो, तेहरान ने कहा- फैसला हमारा होगा

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और संभावित शांति समझौते की बातचीत के बीच एक नया आर्थिक विवाद सामने आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों के एक हिस्से का इस्तेमाल अमेरिकी किसानों से गेहूं, मक्का और सोयाबीन खरीदने के लिए किया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि इससे अमेरिकी किसानों के लिए एक बड़ा नया बाजार खुलेगा।
हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। तेहरान का कहना है कि, एक बार उसकी संपत्ति जारी हो जाती है तो उस पर पूरा अधिकार केवल ईरान का होगा और वह अपनी जरूरत, गुणवत्ता और कीमत के आधार पर किसी भी देश से सामान खरीद सकता है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से युद्ध समाप्त करने और प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत चल रही है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच ईरान की लगभग 12 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। अमेरिका का प्रस्ताव है कि, यह रकम सीधे ईरान को नहीं दी जाएगी। इसके बजाय इसे अमेरिकी निगरानी वाले विशेष खाते (Escrow Account) में रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल मानवीय जरूरतों जैसे खाद्यान्न, दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद में किया जाएगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि, अमेरिका के किसानों के लिए एक नया बड़ा बाजार खुलने वाला है और उसका नाम ईरान है। उन्होंने कहा कि, ईरान में खाद्य सामग्री की जरूरत है। ऐसे में ईरान की फ्रीज संपत्तियों के एक हिस्से से अमेरिकी किसानों से बड़ी मात्रा में गेहूं, सोयाबीन और मक्का खरीदा जाएगा। ट्रंप के अनुसार यह कार्यक्रम काफी बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि, इस व्यवस्था से ईरान को दूसरे देशों से कृषि उत्पाद खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अमेरिका की योजना क्या है?
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि फ्रीज संपत्तियों का इस्तेमाल पूरी तरह नियंत्रित तरीके से किया जाएगा। योजना के मुताबिक-
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अमेरिका की योजना |
विवरण |
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फ्रीज संपत्ति |
लगभग 12 अरब डॉलर |
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पैसा कहां रहेगा |
अमेरिकी निगरानी वाले Escrow Account में |
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खर्च किस पर होगा |
गेहूं, मक्का, सोयाबीन, दवाइयां और मेडिकल सामान |
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खरीद कहां से होगी |
अमेरिकी कंपनियों और किसानों से |
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उद्देश्य |
ईरान को मानवीय सहायता और अमेरिकी किसानों को नया बाजार |
जेडी वेंस ने भी किया समर्थन
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहले ही इस योजना का समर्थन कर चुके हैं। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से दो फायदे होंगे-
- ईरान के लोगों तक जरूरी खाद्यान्न पहुंचेगा।
- अमेरिकी किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि प्रतिबंधों में मिलने वाली राहत केवल खाद्यान्न, दवाइयों और मेडिकल जरूरतों पर ही खर्च की जाएगी।
ईरान ने क्यों किया विरोध?
ईरान ने अमेरिका के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि फ्रीज संपत्तियां जारी होने के बाद उन पर केवल ईरान का अधिकार होगा। उनका कहना है कि-
- ईरान खुद तय करेगा कि किस देश से सामान खरीदा जाए।
- खरीद का फैसला गुणवत्ता, कीमत और जरूरत के आधार पर होगा।
- अमेरिका किसी प्रकार की शर्त नहीं थोप सकता।
जिनेवा में ईरान के राजदूत अली बहरीनी ने भी कहा कि, अपने पैसों का इस्तेमाल कैसे करना है, यह पूरी तरह ईरान का संप्रभु अधिकार है।
आखिर अमेरिका ऐसा क्यों चाहता है?
ट्रंप प्रशासन इस योजना से एक साथ कई राजनीतिक और आर्थिक लक्ष्य हासिल करना चाहता है। प्रमुख वजहें-
- अमेरिकी किसानों के लिए नया निर्यात बाजार तैयार करना।
- चीन के साथ व्यापारिक तनाव से प्रभावित कृषि क्षेत्र को राहत देना।
- ईरान को नकद रकम दिए बिना मानवीय सहायता उपलब्ध कराना।
- फ्रीज संपत्तियों के उपयोग पर अमेरिका का नियंत्रण बनाए रखना।
अमेरिकी किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की राहत
व्हाइट हाउस में किसानों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए 11 अरब डॉलर की अतिरिक्त राहत राशि का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पिछली नीतियों की वजह से जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें इस फंड से आर्थिक मदद दी जाएगी। ट्रंप का मानना है कि, ईरान के साथ संभावित व्यापार भी अमेरिकी कृषि क्षेत्र को मजबूती देगा।
युद्ध और बातचीत पर क्या बोले ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के बाद अमेरिका बातचीत की मेज पर ज्यादा मजबूत स्थिति में पहुंचा है। ट्रंप के मुताबिक, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो ईरान परमाणु हथियार हासिल कर सकता था।
अमेरिका-ईरान व्यापार की मौजूदा स्थिति
हालांकि दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण हैं, फिर भी सीमित स्तर पर मानवीय जरूरतों से जुड़ा व्यापार जारी है।
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विषय |
स्थिति |
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कुल व्यापार (2024) |
लगभग 838 मिलियन डॉलर |
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प्रमुख कारोबार |
दवाइयां, मेडिकल सामान और मानवीय सहायता |
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प्रस्तावित नया व्यापार |
अमेरिकी कृषि उत्पाद |
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विवाद का मुद्दा |
फ्रीज संपत्तियों के उपयोग की शर्तें |
क्या आगे समझौता संभव है?
जानकारों का मानना है कि, अगर शांति वार्ता सफल रहती है तो ईरान भविष्य में अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीद सकता है। हालांकि यह तय नहीं है कि वह केवल अमेरिका से ही खरीदारी करेगा। ईरान साफ कर चुका है कि, वह अपने राष्ट्रीय हित, कीमत और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए किसी भी देश से आयात कर सकता है। इसलिए फ्रीज फंड के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी पूरी तरह खत्म होते नहीं दिख रहे हैं।
एक नजर में समझिए पूरा मामला
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सवाल |
जवाब |
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ट्रंप ने क्या घोषणा की? |
ईरान की फ्रीज संपत्ति से अमेरिकी किसानों से गेहूं, मक्का और सोयाबीन खरीदने की योजना |
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कितनी राशि चर्चा में है? |
करीब 12 अरब डॉलर |
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अमेरिका क्या चाहता है? |
पैसा अमेरिकी निगरानी में रहे और केवल मानवीय जरूरतों पर खर्च हो |
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ईरान का रुख क्या है? |
फ्रीज संपत्ति जारी होने के बाद फैसला केवल ईरान करेगा |
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सबसे बड़ा विवाद |
फंड के इस्तेमाल पर नियंत्रण किसका होगा? |
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अमेरिकी किसानों को क्या फायदा? |
नया निर्यात बाजार और कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद |











